शीतकालीन सत्र में सरकार–विपक्ष आमने-सामने: सरकार 14 बिलों को गति देगी
12 राज्यों में चल रहे SIR को विपक्ष बड़ा मुद्दा बनाकर संसद में घेरने की तैयारी में; वहीं सरकार दिवाला, बीमा, परमाणु ऊर्जा, गुटखा सेस समेत 14 विधेयकों को पास कराने के एजेंडे पर
-
विपक्ष SIR प्रक्रिया को “वोटर लिस्ट में छेड़छाड़” बताते हुए संयुक्त रणनीति के साथ सदन में उतरेगा
-
सरकार 15 बैठकों वाले इस सत्र में 14 अहम विधेयक पारित कराने पर फोकस करेगी
-
दिल्ली आतंकी हमला, प्रदूषण, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी विपक्ष की प्राथमिक सूची में
-
सरकार ने स्पष्ट किया, SIR पर संसद में चर्चा नहीं होगी, क्योंकि यह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 1 दिसंबर: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के पहले ही दिन से तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष ने देशभर में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है, जबकि केंद्र सरकार 14 महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने पर फोकस कर रही है।
सरकार 14 विधेयकों पर करेगी आगे बढ़त
सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार की प्राथमिकता दिवाला कानून, बीमा क्षेत्र, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी सुधार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सेस विधेयकों को आगे बढ़ाने की है।
सरकार ने कहा है कि वह संसद में सुचारु कार्यवाही के लिए विपक्ष के साथ संवाद जारी रखेगी और हर मुद्दे पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है।
विपक्ष SIR प्रक्रिया पर एकजुट
12 राज्यों में चल रही SIR प्रक्रिया को विपक्ष बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाने जा रहा है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा और DMK सहित कई दलों का आरोप है कि:
- SIR में बीएलओ की आत्महत्या गंभीर संकेत है
- गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित समुदायों के वोटरों को लिस्ट से हटाया जा रहा है
- प्रक्रिया को बीजेपी के पक्ष में वोटर लिस्ट तैयार करने के रूप में देखा जा रहा है
राहुल गांधी ने कांग्रेस की रणनीति बैठक में कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से खिलवाड़ है और इसे संसद में मजबूती से उठाया जाएगा।
आतंकी हमला, प्रदूषण और महंगाई भी रहेंगे एजेंडे में
विपक्ष ने दिल्ली में हुए हालिया आतंकी हमले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए संसद में चर्चा की मांग की है।
इसके साथ ही वायु प्रदूषण, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की स्थिति और विदेश नीति को भी बहस का हिस्सा बनाने की तैयारी है।
वंदे मातरम पर भी गरमा सकती है बहस
सरकार ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा कराना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 1937 में गीत की लाइनों में हुए बदलाव का मुद्दा उठाया था, जिससे राजनीतिक गर्माहट बढ़ना तय है।
सरकार की साफ लाइन: संसद में SIR पर चर्चा नहीं
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि SIR पर संसद में बहस संभव नहीं।
केंद्र का तर्क है कि:
- वोटर रोल रिवीजन चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है
- इस पर संसद में चर्चा का कोई प्रावधान नहीं
- आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम कर रहा है
ऐसे में सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव तय माना जा रहा है।