यहां ड्रामा नहीं डिलीवरी हो, शीतकालीन सत्र से पहले पीएम मोदी का विपक्ष पर वार

प्रधानमंत्री ने कहा—सत्र को पराजय की बौखलाहट या विजय के अहंकार का मंच नहीं बनना चाहिए; जिम्मेदारी व संतुलन से काम करने का आग्रह

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  • पीएम मोदी ने विपक्ष पर बिहार नतीजों को लेकर ‘हार न पचा पाने’ का तंज कसा
  • कहा, सत्र का फोकस उन विषयों पर हो जिनसे देश को दिशा मिले
  • विपक्ष से रचनात्मक और सार्थक चर्चा की अपेक्षा
  • सरकार इस सत्र में लगभग 14 विधेयक पेश कर सकती है

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01 दिसंबर: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह सत्र देश के भविष्य, नीतियों और महत्वपूर्ण विधेयकों पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि राजनीतिक पराजय की निराशा से बाहर निकलकर रचनात्मक भागीदारी करे।

प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि कुछ दल आज भी हार के सदमे से उबर नहीं पाए हैं और उनकी बयानबाजी बताती है कि पराजय ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। मोदी ने कहा, “मेरा आग्रह है कि इस शीतकालीन सत्र को पराजय की बौखलाहट का मैदान न बनाया जाए और न ही इसे किसी की विजय के अहंकार में बदलना चाहिए।”

उन्होंने सांसदों से ज़िम्मेदारी और संतुलन के साथ काम करने की अपील करते हुए कहा कि जो भी मुद्दे देशहित में हों, उन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे नागरिकों के ज्ञान को बढ़ाने वाले और दिशा दिखाने वाले विचार सदन में रखें।

सरकार इस बार लगभग 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है, इसलिए केंद्र की नजर सत्र को सुचारु और सकारात्मक बनाए रखने पर है।

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