AAP को झटका! पूर्व विधायक राजेश गुप्ता BJP में शामिल
MCD उपचुनाव से ठीक पहले वजीरपुर के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता भाजपा में शामिल; केजरीवाल पर लगाये 'यूज एंड थ्रो' और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
- दामन छोड़ा: AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने शनिवार को नई दिल्ली में BJP की सदस्यता ग्रहण की।
- भावुक पल: BJP में शामिल होते समय राजेश गुप्ता भावुक हो गए और उन्होंने अपनी ‘वफादारी’ की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया।
- गंभीर आरोप: उन्होंने AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पर ‘विश्वासघात’, कार्यकर्ताओं के साथ ‘यूज एंड थ्रो’ जैसा व्यवहार करने और पार्टी में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 नवंबर: दिल्ली की राजनीति में नगर निगम उपचुनाव (MCD Bypolls) से ठीक एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और वजीरपुर से दो बार विधायक रहे राजेश गुप्ता शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।
राजेश गुप्ता, जो AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी रह चुके थे, ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अशोक विहार वार्ड समेत कई सीटों पर 30 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है, जिससे AAP के लिए यह एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
विश्वासघात और ‘यूज एंड थ्रो’ पर छलके आंसू
BJP में शामिल होने के दौरान पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने अत्यंत भावुक होकर अपने 10 वर्षों से अधिक के राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने अन्ना आंदोलन से लेकर विधायक बनने तक के अपने योगदान का जिक्र किया और कहा कि उन्हें पार्टी में सिर्फ उपहास ही मिला।
गुप्ता ने अपने पार्टी छोड़ने का कारण बताते हुए AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला किया:
मूल सिद्धांतों से भटकाव: गुप्ता ने कहा, “जब AAP का गठन हुआ था, तो कई प्रमुख लोग उत्साह से अरविंद केजरीवाल के साथ आए थे, लेकिन उन्होंने ‘सभी के साथ विश्वासघात’ किया। एक-एक करके, उन सभी ने उन्हें छोड़ दिया, और आज, दुर्भाग्य से, मैं भी उस सूची में शामिल हो गया हूँ।”
कार्यकर्ताओं का अपमान: उन्होंने आरोप लगाया कि AAP नेतृत्व कार्यकर्ताओं को ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ (Use and Throw) की नीति के तहत व्यवहार करता है। गुप्ता ने कहा कि इतनी ईमानदारी और वफादारी के बावजूद जब उन्होंने अपनी चिंताएं उठाईं, तो पार्टी अध्यक्ष (अरविंद केजरीवाल) उनसे बात करने या फोन करने को भी तैयार नहीं थे।
टिकट और भ्रष्टाचार: गुप्ता ने आरोप लगाया कि AAP अब ईमानदारी से भटक गई है और ‘पैसा और भ्रष्टाचार’ पार्टी के आभूषण बन गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से अशोक विहार वार्ड के उपचुनाव का जिक्र किया, जहां AAP ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है, जिसे खुद केजरीवाल ने पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी के लिए टिकट नहीं मांगा था, लेकिन पार्टी के इस फैसले ने उन्हें निराश किया।
BJP ने किया जोरदार स्वागत
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने राजेश गुप्ता का पार्टी में स्वागत करते हुए इसे AAP के लिए एक बड़ा झटका बताया। सचदेवा ने कहा कि गुप्ता ने एक जिम्मेदार विधायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी, लेकिन केजरीवाल उस पहचान को महत्व देने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि आज AAP के नेता उन कमियों को गिना रहे हैं, जिन्हें खुद उनकी 12 साल की सरकार ने दिल्ली में पैदा किया है।
AAP का पलटवार
राजेश गुप्ता के BJP में शामिल होने के तुरंत बाद, AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने पलटवार किया। भारद्वाज ने दावा किया कि गुप्ता अपनी पत्नी के लिए पार्षद का टिकट मांग रहे थे, जिसे पार्टी ने देने से मना कर दिया था। टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने अशोक विहार वार्ड में एक निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा कर दिया और फिर पार्टी के अंदर की गोपनीय बातों को दूसरी पार्टी तक पहुंचाने की कोशिश की। भारद्वाज ने कहा कि टिकट न मिलने की निराशा के कारण ही उन्होंने यह कदम उठाया है।
MCD उपचुनावों की पूर्व संध्या पर यह दलबदल दिल्ली के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, खासकर वजीरपुर और आस-पास के क्षेत्रों में जहां राजेश गुप्ता का अच्छा प्रभाव रहा है।