अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक पर विदेशी निवेश का शक
जवाद अहमद सिद्दीकी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी मान्यता दिखाकर 415 करोड़ रुपये कमाने के आरोप
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यूनिवर्सिटी के फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी पर यूके में बेटे के नाम कंपनी खोलकर धांधली का पैसा लगाने का आरोप
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ईडी ने बेटे की विदेशी कंपनी में निवेश की जांच का निर्णय लिया
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ट्रस्ट के विस्तार, निर्माण और खानपान के ठेके परिवार की कंपनियों को दिए जाने के सबूत
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छात्रों से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) और यूजीसी मान्यता का झूठा दावा कर करोड़ों की कमाई का आरोप
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 नवंबर:फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी पर विदेशी कनेक्शन को लेकर नए आरोप सामने आए हैं। उन पर शक है कि उन्होंने अपने बेटे के नाम पर यूनाइटेड किंगडम (UK) में कंपनी खोली और यूनिवर्सिटी में धांधली से जुटाए गए पैसों को उस कंपनी में निवेश किया। इन गंभीर आरोपों के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सिद्दीकी के बेटे की इस कंपनी में हुए पैसों के इनवेस्टमेंट की जांच करने का फैसला किया है।
दिल्ली में लाल किला ब्लास्ट केस के बाद सिद्दीकी जांच एजेंसियों के रडार पर आए थे। उनके खिलाफ यह भी आरोप है कि उन्होंने छात्रों और अभिभावकों को झूठा भरोसा दिलाने के लिए यूनिवर्सिटी की NAAC मान्यता और UGC से मान्यता होने का दावा किया, जबकि संस्थान को किसी भी तरह की वैध मान्यता प्राप्त नहीं थी।
ईडी की जांच में पता चला कि 1995 में स्थापित अल फलाह ट्रस्ट के पास पर्याप्त धन नहीं था, इसके बावजूद इसने 1990 के दशक से अब तक काफी विस्तार किया। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट ने अपनी आय को पारिवारिक संस्थाओं में लगाया और निर्माण व खानपान के अधिकांश ठेके परिवार से जुड़ी कंपनियों को दिए गए।
जांच एजेंसियों को कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो जवाद अहमद सिद्दीकी द्वारा पारिवारिक कार्यों में धन के दुरुपयोग और अपराध की आय को छुपाने का पैटर्न दिखाते हैं। अदालत ने पिछले बुधवार को उन्हें 13 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया था।
ईडी ने अदालत को बताया कि जमानत मिलने पर सिद्दीकी देश छोड़कर भी भाग सकते हैं, क्योंकि परिवार के कई सदस्य खाड़ी देशों में रहते हैं। एजेंसी के अनुसार, सिद्दीकी ने ट्रस्ट के शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों से धोखाधड़ी कर कम से कम 415 करोड़ रुपये की आय अर्जित की।
हालांकि, सिद्दीकी के वकील ने दिल्ली पुलिस की एफआईआर को मनगढ़ंत बताते हुए उन पर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया।