US शूटिंग पर ट्रंप का बड़ा बयान

नेशनल गार्ड शूटिंग को ट्रंप ने बताया ‘आतंकी हमला’, हमलावर अफगानिस्तान से आया—बाइडेन प्रशासन पर गंभीर आरोप

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • अमेरिका में नेशनल गार्ड केंद्र पर हुई गोलीबारी को ट्रंप ने “आतंकी कृत्य” बताया।
  • ट्रंप का दावा—हमलावर अफगानिस्तान से आया, यह बाइडेन प्रशासन की सुरक्षा विफलता।
  • व्हाइट हाउस ने कहा—जांच चल रही है, बिना पुष्टि बयान देना गैर-जिम्मेदाराना।

समग्र समाचार सेवा
वाशिंगटन डीसी, 27 नवंबर: अमेरिका में नेशनल गार्ड शूटिंग की घटना ने राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को “आतंकी हमला” बताते हुए मौजूदा बाइडेन प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं व्हाइट हाउस ने ट्रंप के आरोपों को “राजनीतिक बयानबाजी” बताया और कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं है।

क्या है मामला?

मंगलवार को अमेरिका के एक नेशनल गार्ड प्रशिक्षण केंद्र में एक सशस्त्र व्यक्ति ने अचानक गोलीबारी कर दी, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई कर हमलावर को काबू में कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला कि हमलावर हाल ही में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था, हालांकि उसकी मंशा और पृष्ठभूमि की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ट्रंप का बयान—‘यह आतंकी हमला, जिम्मेदार बाइडेन’

घटना के कुछ ही घंटे बाद पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने X (पूर्व ट्विटर) पर कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने कहा:
“यह स्पष्ट रूप से आतंकवाद है। हमलावर अफगानिस्तान से आया, जिसे बाइडेन प्रशासन की कमजोर नीतियों ने प्रवेश की अनुमति दी। यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।”

ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडेन के “खुले बॉर्डर” और “लापरवाह इमिग्रेशन फैसलों” की वजह से देश खतरे में है।

बाइडेन प्रशासन का जवाब—‘पूरी जांच के बाद ही निष्कर्ष’

व्हाइट हाउस ने ट्रंप के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया बयान है। प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया:
“हम घटना की पूरी जांच कर रहे हैं। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि हमलावर की मंशा क्या थी। बिना पुष्टि के दावे गैर-जिम्मेदाराना हैं।”

सरकारी एजेंसियों के अनुसार, हमलावर के आतंकी संगठनों से जुड़े होने का कोई ठोस सबूत अभी तक नहीं मिला है।

राजनीतिक तनाव बढ़ा

इस घटना ने अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तीखा कर दिया है। ट्रंप के समर्थक जहां इसे सुरक्षा की बड़ी विफलता मान रहे हैं, वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि ट्रंप इस संवेदनशील घटना को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं।

जन सुरक्षा पर नई बहस

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, इमिग्रेशन नीतियों और विदेशी नागरिकों की जांच प्रक्रिया पर कई सवाल उठाती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहेगा।

 

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.