90% बांग्लादेशी छात्र? जामिया इस्लामिया पर ‘देश विरोधी’ गतिविधियों के गंभीर आरोप

किरिट सोमैया और विजय चौधरी ने दावा किया—संस्थान में 90% से ज्यादा छात्र बांग्लादेशी, अवैध फंडिंग के जरिए ‘देश विरोधी’ गतिविधियाँ और धर्मांतरण को बढ़ावा।

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  • बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने संस्थान पर अवैध विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण का आरोप लगाया।
  • दावा: 90% से ज्यादा छात्र बांग्लादेशी, कई यमन के नागरिक भी मौजूद।
  • आरोप: संस्थान ने आदिवासी समुदाय की जमीन हड़पी और प्रतिबंधित संगठनों को फंड दिया।
  • दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की तर्ज पर जामिया की जांच की मांग तेज।

समग्र समाचार सेवा
मुंबई/नंदुरबार, 27 नवंबर: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में स्थित जामिया इस्लामिया इशातुल उलूम इन दिनों गंभीर विवादों में घिर गया है। दिल्ली ब्लास्ट मामले में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी जांच के बाद अब इसी पैटर्न पर जामिया इस्लामिया के खिलाफ भी जांच की मांग उठने लगी है।

बीजेपी नेता किरिट सोमैया ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर आरोप लगाया कि संस्थान शैक्षणिक गतिविधियों की आड़ में देश विरोधी ऑपरेशन चला रहा है। सोमैया के मुताबिक संस्थान को अवैध विदेशी फंडिंग मिल रही थी, जिसका इस्तेमाल धर्मांतरण, कट्टरपंथी गतिविधियों और संदिग्ध संगठनों के लिए किया गया।

उनका दावा है कि कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों में 90% से अधिक बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि कई छात्र यमन से भी अवैध रूप से आए हुए हैं। सोमैया ने यह भी कहा कि संस्थान ने इलाके के आदिवासी समुदाय की जमीनें गैरकानूनी तरीके से कब्जाईं और प्रशासन को गुमराह किया।

बीजेपी के प्रदेश महासचिव विजय चौधरी ने भी इसी तरह के आरोप दोहराए। उनका कहना है कि उनकी शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में संस्थान से प्रतिबंधित इस्लामिक संगठनों को फंडिंग के संकेत मिले। उन्होंने दावा किया कि यहां 10,000 से ज्यादा छात्र रह रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक अवैध रूप से मौजूद हैं।

दोनों नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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