भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी, 20 साल बाद लौटा गौरव

20 साल बाद मिला मौका, गुजरात का अहमदाबाद शहर बनेगा खेलों का मुख्य मेजबान; 2036 ओलंपिक की तैयारी में बड़ा कदम

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  • मेजबानी का अधिकार: भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का आधिकारिक अधिकार प्राप्त हुआ।
  • मेजबान शहर: खेलों का मुख्य आयोजन अहमदाबाद, गुजरात में होगा।
  • बड़ा विजन: यह आयोजन 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए एक ‘टेस्ट इवेंट’ के रूप में काम करेगा।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/अहमदाबाद, 27 नवंबर: भारत के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। देश को 20 साल के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी का अधिकार मिल गया है। यह घोषणा न केवल देश के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि भारतीय खेलों के भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए गुजरात का गतिशील शहर अहमदाबाद मुख्य मेजबान शहर होगा।

20 साल का सूखा खत्म

इससे पहले, भारत ने आखिरी बार 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। उस आयोजन के बाद भारत को एक बार फिर इतना बड़ा वैश्विक खेल मंच हासिल करने में पूरे 20 साल का वक्त लगा है। केंद्र सरकार और गुजरात सरकार ने संयुक्त रूप से इस मेजबानी को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत और त्रुटिरहित बिड (बोली) पेश की थी, जिसने राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) को प्रभावित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह देश की बढ़ती खेल शक्ति और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का प्रमाण है।

अहमदाबाद: नया खेल राजधानी

अहमदाबाद को मेजबान शहर के रूप में चुनने का निर्णय रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। शहर के पास पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम— नरेंद्र मोदी स्टेडियम — मौजूद है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने यहां सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव विकसित किया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं हैं।

यह स्पोर्ट्स एन्क्लेव केवल क्रिकेट या फुटबॉल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ओलंपिक खेलों के लिए आवश्यक सभी इनडोर और आउटडोर खेल परिसर, एथलीट विलेज और प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं। यह विशाल बुनियादी ढाँचा 2030 राष्ट्रमंडल खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की कुंजी बनेगा।

2036 ओलंपिक का ‘रोडमैप’

दरअसल, राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी भारत के 2036 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की महत्वाकांक्षी योजना का पहला चरण है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों का सफल और भव्य आयोजन भारत की संगठनात्मक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन होगा। यह ओलंपिक बोली के लिए आवश्यक विश्वसनीयता और अनुभव प्रदान करेगा।

खेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 2030 खेलों के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, उसे सीधे 2036 ओलंपिक की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। इसका अर्थ है कि एक ही निवेश से दो बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए मंच तैयार हो जाएगा, जिससे संसाधनों का अधिकतम उपयोग होगा।

अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से देश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। अनुमान है कि मेजबानी के कारण गुजरात में बुनियादी ढांचे पर भारी निवेश होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। विभिन्न देशों के एथलीट, सहायक कर्मचारी और पर्यटक अहमदाबाद पहुंचेंगे, जिससे आतिथ्य (Hospitality) और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।

खेल मंत्री ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और 2030 खेलों के लिए खुद को तैयार करें, क्योंकि यह आयोजन भारत के लिए एक नया ‘खेल युग’ शुरू करेगा।

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