गंभीर युग में टीम इंडिया की सबसे बड़ी टेस्ट हार
गुवाहाटी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका से 25 साल बाद घरेलू सीरीज गंवाने के बाद गंभीर के कोचिंग कार्यकाल पर उठे बड़े सवाल।
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टीम इंडिया 549 के लक्ष्य का पीछा करते हुए सिर्फ 140 पर ढेर, टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी रनों की हार।
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गंभीर के दौर में पहली बार भारत को घर में न्यूजीलैंड से भी क्लीन स्वीप झेलना पड़ा था।
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दो साल लगातार भारत ने घरेलू टेस्ट सीरीज गंवाई, सिर्फ तीसरी बार ऐसा हुआ।
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7 महीनों में 5 टेस्ट हारकर भारत ने 66 साल का बेहद खराब रिकॉर्ड बनाया।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 26 नवंबर: गुवाहाटी में खेले गए निर्णायक टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रन से मात देकर इतिहास रच दिया। 549 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पांचवें दिन महज 140 रनों पर सिमट गई, यह टेस्ट क्रिकेट में रनों के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी हार है।
टेम्बा बावुमा की कप्तानी में द. अफ्रीका ने पहली पारी में 489 तथा दूसरी पारी में 260/5 पर पारी घोषित की। वहीं भारत की पहली पारी भी सिर्फ 201 रन पर ढह गई थी। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने 25 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज जीती और 2-0 से व्हाइटवॉश किया।
अब चर्चा का केंद्र है, गौतम गंभीर का कोचिंग दौर, जो लगातार सवालों के घेरे में है।
जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद से भारत का टेस्ट रिकॉर्ड बेहद चिंताजनक रहा है:
- पहली बार भारत को तीन टेस्ट की घरेलू सीरीज में क्लीन स्वीप (न्यूजीलैंड, 2024)
- 2015 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई
- लगातार दो साल घरेलू टेस्ट सीरीज में हार सिर्फ तीसरी बार
- 66 साल में पहली बार सात महीनों के भीतर 5 टेस्ट हार
- 25 साल में पहली बार एक ही अवधि में पांच टेस्ट मैच गंवाए
इस दौरान भारत ने सिर्फ दो सीरीज जीती हैं, वह भी लो-रैंक्ड टीमों बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ।
हार का असर इतना गहरा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का टेस्ट करियर भी सीमित हो गया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI गंभीर के कार्यकाल में बदलाव की ओर कदम बढ़ाएगा, या उन्हें वर्ल्ड कप 2027 तक पूरा समय दिया जाएगा? मौजूदा हालात टीम की तैयारी, चयन और अप्रोच, तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।