तेजस्वी के केस का असर: राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करना होगा

नीतीश सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को नोटिस जारी कर नया आवास आवंटित किया; हाईकोर्ट के फैसले के बाद पूर्व सीएमों को मिलने वाली उम्रभर की सुविधा खत्म

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  • भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का आदेश भेजा।
  • अब उन्हें विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष के तौर पर हार्डिंग रोड स्थित बंगला 39 मिला है।
  • तेजस्वी यादव द्वारा 5 देशरत्न मार्ग को लेकर दायर याचिका से शुरू हुआ विवाद हाईकोर्ट तक पहुँचा।
  • कोर्ट ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगला देने की नीति को असंवैधानिक बताया था।

समग्र समाचार सेवा
पटना │ 26 नवंबर: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद नीतीश कुमार नेतृत्व वाली एनडीए सरकार अपने प्रशासनिक फैसलों को तेजी से लागू कर रही है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अब 20 वर्षों से अधिक समय से इस्तेमाल हो रहे 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करना होगा। भवन निर्माण विभाग ने मंगलवार को उन्हें इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया है।

राबड़ी देवी को यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री होने की हैसियत से 2006 में आवंटित किया गया था। जब नीतीश कुमार 2005 में पहली बार सत्ता में आए थे, तब उन्होंने बिहार के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास, सुरक्षा और सुविधाएं देने का निर्णय किया था। इसी नीति के तहत लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, जीतन राम मांझी और जगन्नाथ मिश्रा को पटना में स्थायी आवास मिले थे।

लालू-राबड़ी परिवार 1990 से 2005 तक एक अणे मार्ग में रहा, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट हुए और राबड़ी को 10 सर्कुलर रोड का आवास आवंटित किया गया। तब से 16 जनवरी 2006 से यह परिवार इसी बंगले में रह रहा था।

तेजस्वी के केस से बदली स्थिति

इस पूरे विवाद की जड़ वर्ष 2017 की वह घटना है, जब महागठबंधन टूटने के बाद तेजस्वी यादव को 5 देशरत्न मार्ग स्थित डिप्टी सीएम आवास खाली करने का नोटिस मिला। तेजस्वी ने इसे चुनौती देते हुए पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने तर्क दिया कि उच्च पदों पर रहे लोगों के आवास और सुविधाओं के नियम स्पष्ट होने चाहिए।

सुनवाई के दौरान भवन निर्माण विभाग ने कोर्ट को बताया कि 2010 में नियमों में संशोधन करके पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन बंगलों की सुविधा दी गई थी। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यह प्रावधान असंवैधानिक घोषित करते हुए तेजस्वी की याचिका भी खारिज कर दी।

यही फैसला अब राबड़ी देवी के आवास पर भी लागू किया जा रहा है।

नया आवास आवंटित

राबड़ी देवी को अब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के आधार पर हार्डिंग रोड का बंगला नंबर 39 दिया गया है। वहीं तेजस्वी यादव को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष होने पर 1 पोलो रोड वाला बंगला आवंटित हुआ है।

तेज प्रताप यादव की प्रतिक्रिया

10 सर्कुलर रोड खाली करने की नोटिस पर तेज प्रताप यादव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“छोटे भाई नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई लालू जी के घर खाली कराने का आदेश दे दिया। इस बंगले के जाने के साथ ही दोनों के बीच का नैतिक रिश्ता भी खत्म हो गया है।”

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