अयोध्या: राम मंदिर ध्वज पर पाकिस्तान का रोना

UN से लगाई हस्तक्षेप की गुहार, भारत पर लगाए आरोप

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  • मंदिर पूर्णता पर आपत्ति: पीएम मोदी द्वारा राम मंदिर शिखर पर ध्वज फहराने से पाकिस्तान बौखलाया।
  • बाबरी राग: पाक विदेश मंत्रालय ने फिर बाबरी मस्जिद का मुद्दा उठाते हुए इसे ‘तथाकथित’ मंदिर बताया।
  • UN से मांग: पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से भारत में इस्लामी विरासत की सुरक्षा की अपील की।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26 नवंबर: अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के पूर्ण होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिखर पर केसरिया ध्वज फहराए जाने की ऐतिहासिक घटना ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। मंगलवार को जैसे ही पीएम मोदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के शिखर पर ध्वज स्थापित कर निर्माण कार्य के औपचारिक समापन की घोषणा की, पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय अपनी चिर-परिचित हताशा के साथ सक्रिय हो गया।

पाकिस्तान की बौखलाहट और आरोप

भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की अपनी पुरानी आदत से मजबूर पाकिस्तान ने इस पावन अवसर पर भी जहर उगलना जारी रखा। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण पर गहरी चिंता व्यक्त की। अपनी हताशा जाहिर करते हुए पाक ने राम मंदिर को ‘तथाकथित’ करार दिया और एक बार फिर बाबरी मस्जिद का पुराना राग अलापा।

पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत सरकार जानबूझकर मुस्लिम सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को मिटाने का प्रयास कर रही है। उसने 1992 की घटना और उसके बाद की न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए, जिसमें भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया था।

संयुक्त राष्ट्र (UN) से की यह मांग

अपनी खिसियाहट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाते हुए, पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग की है। पाक ने अपील की है कि यूएन को भारत में ‘इस्लामी विरासत’ की सुरक्षा और अल्पसंख्यकों के धार्मिक व सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। पाकिस्तान का कहना है कि यह कदम भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर दबाव बनाने की एक कोशिश है।

हालांकि, भारत सरकार ने पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, क्योंकि भारत हमेशा से ऐसे बयानों को अपने आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप मानता आया है।

खुद मानवाधिकारों के घेरे में पाकिस्तान

विडंबना यह है कि जो पाकिस्तान भारत में अल्पसंख्यकों की चिंता का ढोंग कर रहा है, उसकी अपनी असलियत संयुक्त राष्ट्र पहले ही उजागर कर चुका है। जुलाई 2025 की एक रिपोर्ट में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHR) के विशेषज्ञों ने पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर गंभीर चिंता जताई थी। यूएन ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हमले, हत्याएं और उत्पीड़न सरकारी मिलीभगत से हो रहे हैं, जिन्हें रोकने में पाक सरकार पूरी तरह विफल रही है। ऐसे में, पाकिस्तान का भारत पर उंगली उठाना केवल उसकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

मंदिर निर्माण की भव्यता

गौरतलब है कि मंगलवार को पीएम मोदी द्वारा फहराया गया ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय ‘नागर’ शैली में बने मंदिर के शिखर की शोभा बढ़ा रहा है। मंदिर के चारों ओर दक्षिण भारतीय शैली में बना 800 मीटर लंबा परकोटा भारत की सांस्कृतिक विविधता और वास्तु शिल्प की एकता का प्रतीक है, जिसे देखकर हर भारतीय गर्व महसूस कर रहा है।

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