श्री गुरु तेग बहादुर जी 350वीं शहादत पर श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार जी ने शीशगंज साहिब में मत्था टेका, शहीदी यात्रा को किया फ्लैग ऑफ

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • अरुण कुमार जी ने गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में 350वीं शहीदी दिवस पर मत्था टेका।
  • भाई सतीदास, भाई मतिदास और भाई दयाल के शहीदी स्थलों पर भी दी श्रद्धांजलि।
  • दिल्ली से आनंदपुर साहिब तक शहीदी यात्रा को किया फ्लैग ऑफ।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25 नवंबर: श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस के अवसर पर आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सह सरकार्यवाह श्री अरुण कुमार जी ने गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में मत्था टेका और गुरु परंपरा को नमन किया। दिल्ली के ऐतिहासिक शीशगंज गुरुद्वारे में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने सिख परंपरा और देश की आध्यात्मिक संस्कृति में गुरु तेग बहादुर जी के अतुलनीय योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर दिल्ली प्रांत संघ चालक डॉ. अनिल अग्रवाल और प्रांत प्रचारक विशाल जी भी उपस्थित रहे। आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पावन स्थल पर गुरुजी द्वारा धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया।

गुरुद्वारा परिसर में संगत के साथ बातचीत करते हुए अरुण कुमार जी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शहादत न केवल सिख समाज बल्कि पूरे राष्ट्र की आध्यात्मिक विरासत है। उनका बलिदान हमें यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अडिग रहना ही जीवन का सर्वोच्च धर्म है।

शहीदी यात्रा का फ्लैग ऑफ

दिल्ली से गुरुद्वारा आनंदपुर साहिब तक एक विशेष शहीदी यात्रा निकाली जा रही है, जो उन सभी ऐतिहासिक स्थानों से होकर गुजरेगी जहां-जहां गुरुजी का पवित्र शीश ले जाया गया था। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और उनके जीवन संदेश से जोड़ना है।

शहीदी यात्रा को आज सह सरकार्यवाह अरुण कुमार जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उनका कहना था कि यह यात्रा श्रद्धा, एकता और इतिहास के सम्मान का प्रतीक है। यात्रा के दौरान विभिन्न शहरों और गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक कीर्तन, शबद और सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

यात्रा के आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा आने वाले दिनों में पंजाब के विभिन्न शहरों से होते हुए आनंदपुर साहिब पहुंचेगी, जहां अंतिम सेवा और अरदास का आयोजन होगा। संगत में इस यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को देशभर में साहस, त्याग और धार्मिक स्वतंत्रता की मिसाल माना जाता है। आज का दिन इस महान आत्मा के बलिदान को याद करने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर बन गया है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.