बिहार में रोजगार क्रांति: 1 करोड़ युवाओं को नौकरी देने का ‘मास्टर प्लान’ तैयार

नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 'न्यू एज इकोनॉमी' और टेक्नोलॉजी के दम पर अगले 5 साल में बदलेंगे बिहार की तस्वीर।

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  • बड़ा लक्ष्य: बिहार सरकार ने 2025-2030 के बीच 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।
  • टेक्नोलॉजी हब: पूर्वी भारत का ‘टेक हब’ बनने के लिए सेमीकंडक्टर पार्क, डिफेंस कॉरिडोर और AI मिशन की शुरुआत होगी।
  • औद्योगिक विस्तार: राज्य में 25 नई चीनी मिलें खुलेंगी और 11 नए ग्रीनफील्ड टाउनशिप बसाए जाएंगे।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 26 नवंबर: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा रोजगार अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मंगलवार को हुई नई कैबिनेट की पहली ही बैठक में राज्य सरकार ने अगले 5 वर्षों (2025-2030) में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का ऐतिहासिक संकल्प लिया है। सरकार का यह मास्टर प्लान पारंपरिक तरीकों से हटकर ‘न्यू एज इकोनॉमी’ (New Age Economy) पर आधारित होगा।

‘न्यू एज इकोनॉमी’ पर विशेष जोर

सरकार ने बिहार को पूर्वी भारत का ‘टेक्नोलॉजी हब’ बनाने का खाका तैयार किया है। कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए प्रस्तावों के अनुसार, राज्य में रोजगार सृजन केवल सरकारी रिक्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक तकनीक और औद्योगिक निवेश से जोड़ा जाएगा।

इस मास्टर प्लान के तहत बिहार में निम्नलिखित प्रमुख परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी:

डिफेंस कॉरिडोर (Defence Corridor): रक्षा क्षेत्र में निर्माण को बढ़ावा।

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क: चिप निर्माण के क्षेत्र में बिहार की एंट्री।

मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी: आईटी और वित्तीय सेवाओं के लिए विशेष जोन।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स: बिहार को ‘ग्लोबल बैक-एंड हब’ बनाने की तैयारी।

बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन

तकनीकी प्रगति को राज्य के विकास का आधार बनाने के लिए ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य न केवल प्रशासन में AI का उपयोग बढ़ाना है, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों में कुशल बनाकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है। सरकार का मानना है कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है और उन्हें राज्य के भीतर ही ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ जैसा माहौल दिया जाएगा।

कृषि और शहरी विकास को भी रफ्तार

रोजगार के इस महाअभियान में कृषि और शहरीकरण को भी शामिल किया गया है। कैबिनेट ने राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने और बंद पड़ी 9 पुरानी मिलों को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

इसके साथ ही, राज्य के 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों सहित सोनपुर और सीतामढ़ी में कुल 11 नए ग्रीनफील्ड टाउनशिप (सैटेलाइट टाउन) बसाए जाएंगे। सीतामढ़ी में बनने वाले टाउनशिप का नाम ‘सीतापुरम’ होगा। इन परियोजनाओं से निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति

इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति देश-विदेश के विशेषज्ञों और उद्यमियों से सुझाव लेकर 6 महीने के भीतर एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षों में 50 लाख रोजगार दिए गए थे, और अब इस लक्ष्य को दोगुना कर दिया गया है।

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