ढाका में आज शेख हसीना पर बड़ा फैसला: बांग्लादेश हिंसा की कगार पर
अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल सुनाएगा सजा; देशभर में आगजनी, बम धमाके, अवामी लीग पर प्रतिबंध और सुरक्षा एजेंसियाँ अलर्ट मोड पर
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शेख हसीना के खिलाफ इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल आज सुनाएगा फैसला; ढाका में बड़े स्क्रीन पर लाइव प्रसारण
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फैसले से पहले देशभर में हिंसा—पुलिस स्टेशन में आग, ग्रामीण बैंक पर हमला, देसी बम विस्फोट
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यूनुस सरकार का आदेश—“बस जलाने या बम फेंकने वालों को देखते ही गोली मारें”
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हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान और पूर्व पुलिस DG अल-मामून पर मानवता के विरुद्ध अपराधों के 5 गंभीर आरोप
समग्र समाचार सेवा
ढाका, 17 नवंबर: बांग्लादेश आज राजनीतिक इतिहास के सबसे तनावपूर्ण दिनों में से एक का सामना कर रहा है। देशभर में फैली हिंसा, आगजनी और देसी बम हमलों के बीच इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT-BD) आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चल रहे मानवता-विरोधी अपराधों के मामले में बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है। यह फैसला ढाका के विभिन्न इलाकों में लगे बड़े एलईडी स्क्रीन पर लाइव दिखाया जाएगा, साथ ही सरकारी बीटीवी और सोशल मीडिया पर भी इसका प्रसारण होगा।
देश भर में भारी तनाव—ढाका, चिटगांव, कॉक्सबाजार में हिंसा
फैसले से पहले ही बांग्लादेश के कई शहरों में माहौल विस्फोटक हो गया है। ढाका, कॉक्सबाजार, नारायणगंज, गाजीपुर और चिटगांव से आगजनी, बम धमाकों और तोड़फोड़ की घटनाएँ सामने आई हैं।
मुख्य घटनाएँ—
- ढाका में मोहम्मद यूनुस के सलाहकार सैयद रिजवाना हसन के घर के बाहर क्रूड बम हमला
- पुलिस स्टेशन परिसर में लगी आग, कई वाहन जलकर खाक
- ग्रामीण बैंक मुख्यालय के बाहर देसी बम विस्फोट
- कई बसों में आग लगाई गई, एक ड्राइवर की मौत
- राजधानी के कई चौराहों पर देर रात तेज धमाकों की आवाजें
इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं और शहरों में अतिरिक्त सैन्य व अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
शूट-एट-साइट का आदेश
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त एसएम सजात अली ने रविवार देर रात घोषणा की:
“जो कोई बस में आग लगाएगा या जान से मारने की नीयत से देसी बम फेंकेगा, उसे देखते ही गोली मार दी जाएगी। यह अधिकार हमें कानून ने दिया है।”
सरकार ने सभी पुलिस इकाइयों को वायरलेस पर यह निर्देश भेजा है।
अवामी लीग पर प्रतिबंध और बढ़ता राजनीतिक संकट
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को प्रतिबंधित कर दिया गया है और वह आगामी राष्ट्रीय चुनाव नहीं लड़ सकती। इसके बाद उनके समर्थक कई इलाकों में उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।
कॉक्सबाजार और चिटगांव में अवामी लीग कार्यकर्ताओं ने सड़कें जाम कर हंगामा भी किया है।
हसीना का भावुक ऑडियो संदेश
फैसले से पहले शेख हसीना ने निर्वासन (भारत) से एक भावुक ऑडियो संदेश जारी किया:
“अन्याय करने वालों को जनता एक दिन सजा देगी। डरने की कोई बात नहीं है। मैं जिंदा हूं, रहूंगी और देश के लोगों का साथ दूंगी। अपराधियों को सजा दिलाऊंगी।”
सजीब वाजेद का बड़ा दावा, हसीना को मौत की सजा दी जाएगी
हसीना के बेटे सजीब वाजेद, जो अमेरिका में रहते हैं, ने कहा:
- हमें पता है फैसला क्या आएगा उन्हें दोषी ठहराया जाएगा और शायद मौत की सजा भी दी जाएगी।
- मेरी मां भारत में सुरक्षित हैं।
- अगर अवामी लीग से प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो हमारे समर्थक चुनाव प्रक्रिया को रोकेंगे।
उन्होंने चेतावनी भी दी कि विरोध प्रदर्शन और हिंसक हो सकते हैं।
तीन मुख्य आरोपी कौन हैं?
1. शेख हसीना — पूर्व प्रधानमंत्री, वर्तमान में भारत में निर्वासन में
2. असदुज्जमां खान कमाल — पूर्व गृह मंत्री
3. चौधरी अब्दुल्लाह अल-मामून — पूर्व पुलिस महानिदेशक (DG), जो सरकारी गवाह बन गए हैं और नरमी की मांग कर चुके हैं
सरकारी वकील गाजी एमएच तमीम का कहना है कि हसीना के लिए अधिकतम सजा यानी मौत की मांग की गई है और दोषियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवारों को देने का अनुरोध भी किया गया है।
हसीना पर क्या-क्या आरोप हैं,
शेख हसीना पर ICT-BD ने 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले जुलाई विद्रोह के दौरान हुए दमन और हिंसा से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के पाँच गंभीर आरोप लगाए हैं।
इनमें शामिल हैं:
1. हत्या और हत्या का प्रयास
छात्र आंदोलनकारियों पर नज़दीक से गोली चलाने के निर्देश देने का आरोप।
2. यातना और अमानवीय कृत्य
हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों को यातनाएँ देने का आरोप।
3. घातक हथियारों और सैन्य संसाधनों का अवैध उपयोग
सरकार द्वारा हेलीकॉप्टर, ड्रोन और घातक हथियार से दमन की स्वीकृति।
4. सुपीरियर कमांड रिस्पॉन्सिबिलिटी (उच्च स्तरीय साजिश)
पूर्व गृह मंत्री और पुलिस DG के साथ मिलकर दमन करवाने का आरोप।
5. 1,400 से अधिक मौतों की प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष जिम्मेदारी
2024 के जुलाई–अगस्त विद्रोह में अनुमानतः 1,400 मौतें हुई थीं।
लाइव टेलीकास्ट की बड़ी तैयारी
सरकार ने बताया है कि
- ढाका के प्रमुख चौराहों
- शिक्षा संस्थानों के पास
- प्रशासनिक भवनों के बाहर
बड़े LED स्क्रीन लगाए गए हैं।
सरकारी टेलिविज़न BTV फैसले को लाइव दिखाएगा।