‘टाइगर अभी ज़िंदा है’: पटना में पोस्टर से गरमाई बिहार की सियासत

चुनाव नतीजों से पहले JDU ने पोस्टर लगाकर NDA में दिखाई अपनी ताकत

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  • बिहार के पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए हैं।
  • पोस्टर पर ‘टाइगर अभी ज़िंदा है…’ का नारा लिखा गया है, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
  • इसे चुनाव नतीजों से ठीक पहले एनडीए (NDA) गठबंधन में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की मजबूत स्थिति और मुख्यमंत्री पद पर नीतीश कुमार के नेतृत्व पर जोर देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 13 नवंबर: बिहार की राजधानी पटना की सड़कों पर इस समय चुनावी नतीजों की गहमागहमी के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाले पोस्टर छाए हुए हैं। ये पोस्टर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में लगाए गए हैं, जिन पर हिंदी फिल्म का मशहूर डायलॉग ‘टाइगर अभी ज़िंदा है…’ लिखा है। इन पोस्टरों में नीतीश कुमार की तस्वीर को दो शक्तिशाली शेरों के बीच दर्शाया गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे जल्द ही घोषित होने वाले हैं, और इससे ठीक पहले जेडीयू समर्थकों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों ने राज्य की सियासत में सरगर्मी बढ़ा दी है। ये पोस्टर विशेष रूप से उन स्थानों पर चस्पा किए गए हैं, जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जैसे कि कोतवाली थाने के सामने वाला चौराहा और पार्टी कार्यालय के आस-पास का क्षेत्र।

पोस्टर का राजनीतिक निहितार्थ

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन पोस्टरों के पीछे गहरा राजनीतिक संदेश छिपा है। एक ओर, यह एग्जिट पोल्स (Exit Polls) में एनडीए को मिलती बढ़त के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर, यह गठबंधन के भीतर नीतीश कुमार की अपरिहार्यता को स्थापित करने की कोशिश भी है।

नेतृत्व पर जोर: यह नारा सीधे तौर पर उन अटकलों को खारिज करने का प्रयास है, जिनमें कहा जा रहा था कि चुनाव परिणाम आने के बाद नीतीश कुमार की राजनीतिक ताकत कमजोर हो सकती है। ‘टाइगर अभी ज़िंदा है…’ का संदेश स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का नेतृत्व अटूट है।

दबाव की राजनीति: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पोस्टर एक प्रकार की दबाव की राजनीति (Pressure Politics) भी हो सकती है, जिसके जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि नतीजों के बाद एनडीए में जेडीयू को समुचित सम्मान और पद प्राप्त हो, और मुख्यमंत्री पद पर नीतीश कुमार ही बने रहें।

सामने आया एक और नारा: ‘टाइगर अभी ज़िंदा है…’ के अलावा, पिछले कुछ दिनों से पटना में ’25 से 30, फिर से नीतीश’ जैसे नारे वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं, जो यह साफ संकेत देते हैं कि जेडीयू 2025 से 2030 तक भी नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

महिला मतदाताओं की भूमिका

एग्जिट पोल्स के आकलन में एनडीए की संभावित जीत में महिला मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई हैं, जैसे कि पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण, और इन पोस्टरों के माध्यम से पार्टी इन कोर वोटरों को भी एक मजबूत नेतृत्व का आश्वासन दे रही है।

चुनावों में पोस्टर वॉर बिहार की राजनीति का एक अभिन्न अंग रहा है। इससे पहले, इसी ‘टाइगर’ वाले नारे का इस्तेमाल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के समर्थन में भी किया था, जब उन्हें केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ का सामना करना पड़ा था। हालांकि, इस बार नीतीश कुमार के लिए उपयोग किया गया यह स्लोगन चुनाव नतीजों की घोषणा से पहले जेडीयू के आत्मविश्वास को दर्शा रहा है।

चुनाव आयोग द्वारा मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी की निगाहें 14 नवंबर को आने वाले फाइनल नतीजों पर टिकी हैं, जो बिहार की अगली सरकार का निर्धारण करेंगे।

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