चिराग पासवान का सख्त कदम! अनुशासनहीनता पर LJP (रामविलास) ने मुस्लिम नेता को पार्टी से किया बाहर

बिहार चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने दिखाई अनुशासन पर जीरो टॉलरेंस नीति

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  • चिराग पासवान ने संगठन अनुशासन को बनाए रखते हुए बड़ा फैसला लिया।
  • प्रदेश प्रधान महासचिव मोहम्मद मोतिउल्लाह खान को पार्टी से निष्कासित किया गया।
  • विरोधी दलों से संपर्क और पार्टी-विरोधी गतिविधियों के मिले प्रमाण।
  • LJP (रामविलास) ने साफ किया, अनुशासन सर्वोपरि, कोई भी नियम से ऊपर नहीं।

समग्र समाचार सेवा

पटना, 27 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने संगठन के अनुशासन और नैतिकता को सर्वोच्च रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी प्रमुख चिराग पासवान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी नेता पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

इसी क्रम में LJP (रामविलास) के प्रदेश प्रधान महासचिव मोहम्मद मोतिउल्लाह खान को रविवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सलीम साहिल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मोतिउल्लाह पर विपक्षी दलों से संपर्क और संगठन विरोधी रुख अपनाने के प्रमाण मिले थे।

पार्टी ने उन्हें उनके पद से हटाने के साथ-साथ सदस्यता भी समाप्त कर दी है। यह निर्णय दोपहर 1 बजे सार्वजनिक हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ताओं में हलचल के साथ-साथ चिराग पासवान के नेतृत्व की सराहना भी देखने को मिली।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय संगठन की साख और अनुशासन को बनाए रखने के लिए जरूरी था।
चिराग पासवान लगातार इस बात पर जोर देते आए हैं कि लोजपा (रामविलास) जनता की पार्टी है और यहां ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण ही सदस्यता की पहचान है।

जमुई के वरिष्ठ नेता रहे मोहम्मद मोतिउल्लाह के निष्कासन के बाद जिला इकाई में भी यह संदेश गया है कि पार्टी में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं है।

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