सिंधिया ने किया ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का दर्शन, एकता को बताया राष्ट्रीय शक्ति
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केवड़िया में सरदार पटेल को नमन किया और कहा, 'यह प्रतिमा भारत की एकता और विकसित राष्ट्र के संकल्प का प्रतीक है।'
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा कर सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि दी।
- उन्होंने इस प्रतिमा को भारत की एकता, अखंडता और आत्मबल का जीवंत प्रतीक बताया।
- सिंधिया ने कहा कि विकसित भारत @2047 का संकल्प, सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न का विस्तार है।
समग्र समाचार सेवा
केवड़िया, गुजरात, 24 अक्टूबर: केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज गुजरात के केवड़िया में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया और भारत के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब देश ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह विशाल प्रतिमा केवल सरदार पटेल की स्मृति का सम्मान नहीं है, बल्कि उस अटूट एकता, अखंडता और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्र भारत की नींव को मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त राष्ट्र की कल्पना को साकार किया था।
पीएम मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम: सिंधिया
श्री सिंधिया ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री का भारत की सांस्कृतिक शक्ति और गौरवशाली इतिहास में अटूट विश्वास है, और यह प्रतिमा उसी विश्वास का मूर्तरूप है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “यह प्रतिमा हमें बार-बार यह स्मरण कराती है कि भारत की असली और सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता में है। सरदार पटेल ने जिस भारत को अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और राजनीतिक कौशल से एकजुट किया, आज वही भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता और विकास के मार्ग पर दृढ़ता से अग्रसर है।”
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन और कार्य हमें सिखाता है कि राष्ट्र के समक्ष किसी भी चुनौती का सामना केवल सामूहिक संकल्प और अटूट एकता से ही किया जा सकता है।
विकसित भारत के लिए सरदार पटेल के आदर्श मार्गदर्शक
श्री सिंधिया ने देश के भविष्य के संकल्पों पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत@2047 का जो संकल्प लिया है, वह वास्तव में सरदार पटेल के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न का ही विस्तार है।
उन्होंने आगे कहा, “आज भारत डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे के विकास और नवाचार की दिशा में जिस तेज गति से आगे बढ़ रहा है, उसकी जड़ें उसी एकता और राष्ट्रभाव में हैं जो सरदार पटेल ने हमें विरासत में दी। यह प्रतिमा हमें याद दिलाती है कि हम एक ऐसे राष्ट्र का हिस्सा हैं, जिसकी विरासत महान है और जिसका भविष्य उज्ज्वल है। सरदार पटेल के आदर्श ही हमारी इस विकसित भारत की यात्रा के मार्गदर्शक हैं।”
मंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्यता और राष्ट्रीय महत्व को स्वीकार करते हुए सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस स्थल का दर्शन करें और राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को मजबूत करें।