कुपवाड़ा एनकाउंटर: LOC पर दो आतंकवादी ढेर

सेना ने माछिल और दुदनियाल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को किया नाकाम

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  • सेना ने जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास दो आतंकवादियों को मार गिराया है।
  • यह मुठभेड़ कुपवाड़ा सेक्टर के माछिल और दुदनियाल इलाकों में हुई, जब सैनिकों ने संदिग्ध घुसपैठ की गतिविधि देखी।
  • इलाके में और आतंकवादियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सेना का सघन तलाशी अभियान (Search Operation) अभी भी जारी है।

समग्र समाचार सेवा
श्रीनगर, 14 अक्टूबर: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LOC) के पास सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। इसी क्रम में, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सेना को एक बड़ी सफलता मिली है। सेना ने माछिल और दुदनियाल इलाकों में घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों को मार गिराया है।

सेना के अधिकारियों ने सोमवार शाम को जानकारी दी कि कुपवाड़ा सेक्टर में एलओसी के पास कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी। चौकस सैनिकों ने तुरंत कार्रवाई की और शाम करीब 7 बजे संदिग्धों पर गोलीबारी शुरू कर दी।

यह मुठभेड़ रात भर चली, जिसमें दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान और उनके पास से बरामद हथियारों और गोला-बारूद की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वे सीमा पार से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे थे।

बड़े क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान

दो आतंकवादियों को मार गिराने के बाद भी सेना ने कोई ढील नहीं दी है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इस समूह में और आतंकवादी हो सकते हैं, जो घने जंगल या ऊबड़-खाबड़ इलाके का फायदा उठाकर छिपने में कामयाब हो गए होंगे।

इस आशंका के चलते माछिल और दुदनियाल के पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान (Cordon and Search Operation) जारी है। सेना की विशेष टुकड़ियाँ और पुलिस बल संयुक्त रूप से पूरे क्षेत्र को खंगाल रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी आतंकवादी भागने में सफल न हो पाए और इलाके की शांति भंग न हो।

सुरक्षा बलों की लगातार मुस्तैदी

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सीमा पार से आतंकवादी घुसपैठ की कोशिशें लगातार जारी हैं, खासकर खराब मौसम या अंधेरे का फायदा उठाकर। लेकिन, भारतीय सेना और सुरक्षा बल इन प्रयासों को विफल करने के लिए चौबीसों घंटे तैयार हैं।

इससे पहले, कठुआ जिले में भी सुरक्षा बलों ने एक पुराने मोर्टार गोले का पता लगाया था और उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया था। अधिकारियों ने बताया था कि यह गोला स्थानीय निवासियों से मिली सूचना के आधार पर हीरानगर सेक्टर के करोल मथुरा सीमावर्ती गांव में बरामद किया गया था। इस तरह की कार्रवाइयाँ न केवल घुसपैठ को रोकती हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सेना की मुस्तैदी से सीमावर्ती इलाकों में शांति और सुरक्षा बनी हुई है।

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