न्यू जर्सी में हिंदू मंदिर पर हमला

'गाज़ा' और 'पैलेस्टाइन' लिखकर की गई शर्मनाक तोड़फोड़

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पूनम शर्मा
अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य में स्थित एसएमवीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर (SMVS Shri Swaminarayan Mandir) पर अज्ञात लोगों ने तोड़फोड़ करते हुए ‘Gaza’ और ‘Palestine’ जैसे राजनीतिक नारे खाद दिए। यह घटना अमेरिका में हिंदू धार्मिक स्थलों पर हो रहे लगातार हमलों के सिलसिले में एक और गंभीर कड़ी बन गई है। मंदिर पर हमले की यह घटना न केवल हिंदू समुदाय को झकझोरने वाली है बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक और उदारवादी देश में हिंदुओं को बार-बार इस तरह की नफरत का निशाना क्यों बनाया जा रहा है।

राजनीतिक नारों के माध्यम से धार्मिक स्थल को निशाना

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने मंदिरों की दीवारों पर ‘Gaza’ और ‘Palestine’ जैसे नारे स्प्रे पेंट के माध्यम से लिख दिए। ये नारे मध्य पूर्व में भांग रहे इसराइल-हमास संघर्ष से जुड़े हुए हैं। लेकिन यह संघर्ष हिंदू समुदाय या मंदिरों से किसी भी तरह से जुड़ा हुआ नहीं है। फिर भी हिंदू मंदिरों को इस राजनीतिक क्रोध का निशाना बनाया जा रहा है।

Coalition of Hindus of North America (CoHNA) ने इस घटना की कठोर निंदा की है और स्थानीय प्रशासन से मध्यस्थता की भी माँग  की है। कोहना के बयान में यह कहा गया है—

“एक और हिंदू मंदिर पर गाज़ा और पैलेस्टाइन के नारे लिखकर निशाना बनाया गया। यह बार, जर्सी सिटी में। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं और अधिकारियों से मांग करते हैं कि इसे गंभीरता से लेकर तुरंत जांच की जाए। हिंदू मंदिरों को ऐसे राजनीतिक नारों का निशाना क्यों बनाया जा रहा है, जिनका उनसे कोई संबंध ही नहीं है?”

कोहना ने यह भी याद दिलाया गया कि 2022 में एडिसन (Edison), न्यू जर्सी के एक अन्य मंदिर— श्री उमिया धाम मंदिर पर भी इसी तरह का हमला हुआ था, जिसमें ‘Free Palestine’ लिखकर तोड़फोड़ की गई थी।

घटनाओं की लंबी होती जा रही सूची

यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले एक वर्ष में अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं—

कैलिफोर्निया के चिनो हिल्स में स्थित BAPS मंदिर पर “Hindustan Murdabad” जैसे नारे लिखे गए।

न्यूयॉर्क के मेलविल में एक मंदिर पर की गई तोड़फोड़ पर भारतीय वाणिज्य दूतावास ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी।

इंडियाना के ग्रीनवुड में BAPS मंदिर पर हमला इस साल अगस्त में हुआ था — यह एक साल में चौथा हमला था।

इन सभी हमलों में एक पैटर्न साफ़ दिखाई दे रहा है—मंदिरों को राजनीतिक नारों और घृणा फैलाने वाले संदेशों के माध्यम से बदनाम और भयभीत करने की कोशिश की जा रही है।

स्थानीय प्रशासन पर सवाल

जर्सी सिटी में स्थानीय प्रशासन ने अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है और न ही किसी गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। यही ढील हिंदू समुदाय में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा रही है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक नेताओं का मानना है कि अगर ऐसी घटनाओं पर तुरंत और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह नफरत अपराध (hate crime) अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।

हिंदू समुदाय पर बढ़ती नफरत

अमेरिका में हिंदू समुदाय काफी दूर से शांतिप्रिय और कठिन परिश्रमी प्रवासी समुदाय के रूप में जाने जाता था। लेकिन अंतिम कुछ वर्षों में मंदिरों पर लगातार हमले, हिंदू प्रतीकों का अपमान और सोशल मीडिया पर हिंदू-विरोधी अभियान बढ़े हैं।

भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने इन घटनाओं पर बार-बार चिंता व्यक्त की है, लेकिन अब यह स्पष्ट है कि बयानबाज़ी ही नहीं चलेगा। भारत सरकार को अमेरिकी प्रशासन से इस प्रकार के नफरत अपराधों के खिलाफ तेज, मजबूत और सार्वजनिक कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।

हिंदू समाज की सहिष्णुता और शांतिवाद को अक्सर कमजोरी समझा जाता है। पर यह भूलना नहीं होना चाहिए कि किसी भी धार्मिक स्थल पर हमला सिर्फ एक समुदाय पर नहीं बल्कि पूरी मानवता पर हमला होता है।

न्यू जर्सी की यह घटना एक चेतावनी है कि अमेरिका में भी हिंदू विरोधी नफरत गहराती जा रही है। इसे अगर अब भी न रोका गया तो यह आग और फैल सकती है।

न्यू जर्सी में हिंदू मंदिर परattack कुछ ऐसी आम घटना नहीं है, लेकिन यह अमेरिका में बढ़ते हिंदू-विरोधी माहौल की खतरनाक झलक है। इस पर न केवल अमेरिकी प्रशासन की बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।

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