IRCTC घोटाले में लालू-राबड़ी-तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय, कोर्ट ने लगाया करप्शन और धोखाधड़ी का ठप्पा

कोर्ट ने कहा – लालू यादव ने सरकारी पद का दुरुपयोग कर टेंडर प्रक्रिया में की हेराफेरी, राबड़ी और तेजस्वी भी साजिश में शामिल

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  • राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू-राबड़ी-तेजस्वी के खिलाफ आरोप तय किए
  • कोर्ट ने कहा, लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर बदलाव कराया
  • धोखाधड़ी, साजिश और पद के दुरुपयोग के आरोप लगे
  • सभी आरोपियों ने कहा “हम दोषी नहीं हैं”

समग्र समाचार सेवा

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: आईआरसीटीसी घोटाला और लैंड फॉर जॉब केस में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गंभीर आरोप तय कर दिए हैं।

 

सीबीआई की विशेष अदालत ने माना कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में दखल देकर उसमें बदलाव कराया था, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ। अदालत ने कहा कि यह साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी, जिसमें राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की भूमिका भी रही। कोर्ट के मुताबिक, जमीन के बदले नौकरी देने की योजना के तहत सरकारी पद का दुरुपयोग किया गया।

 

अदालत ने धोखाधड़ी (धारा 420), आपराधिक साजिश (धारा 120बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

 

फैसला सुनाए जाने के दौरान लालू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे, जबकि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। जब अदालत ने तीनों से पूछा कि क्या वे खुद को दोषी मानते हैं, तो तीनों ने एक सुर में जवाब दिया, “हम दोषी नहीं हैं।”

 

गौरतलब है कि लैंड फॉर जॉब केस में भी कोर्ट ने 25 अगस्त को आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखा था। यह मामला रांची और पुरी स्थित बीएनआर होटलों के टेंडर आवंटन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई ने आरोप पत्र दायर किया था।

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