चिराग पासवान की पार्टी को मिली 29 सीटें, इन सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
बिहार चुनाव ब्रेकिंग: LJP (R) के खाते की 29 संभावित सीटों की लिस्ट सामने आई, गठबंधन में मिली बड़ी हिस्सेदारी
- चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP (R)] को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में गठबंधन के तहत 29 सीटें मिली हैं।
- सूत्रों के अनुसार, पार्टी बख़री, तारापुर, रोसड़ा, फतुहा, दानापुर और गया सहित कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
- LJP (R) को मिली यह हिस्सेदारी बिहार की राजनीति में चिराग पासवान के बढ़ते कद और युवा नेतृत्व की स्वीकार्यता को दर्शाती है।
समग्र समाचार सेवा
पटना, 13 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीट बंटवारे को लेकर चल रही लंबी अटकलों के बीच, चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP (R)] के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गठबंधन में LJP (R) के खाते में कुल 29 सीटें आई हैं। यह संख्या न सिर्फ चिराग पासवान के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि गठबंधन में उनके युवा नेतृत्व और जनाधार को गंभीरता से लिया गया है।
पार्टी को मिली इन 29 संभावित सीटों के नाम भी अब सामने आ गए हैं, जहां LJP (R) अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। इन सीटों का चयन जातीय समीकरण, पार्टी के पारंपरिक आधार और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया गया है।
LJP (R) की संभावित 29 सीटों की पूरी लिस्ट
(शीर्षक: प्रमुख चुनावी रणक्षेत्र: पासवान की पार्टी कहाँ लड़ेगी?)
मिली जानकारी के अनुसार, LJP (R) की 29 संभावित सीटों में उत्तरी बिहार से लेकर मगध और शाहाबाद क्षेत्र तक की सीटें शामिल हैं। ये सीटें पार्टी को अपनी राजनीतिक छाप मजबूत करने का एक बेहतरीन मौका देंगी।
सूत्रों द्वारा जारी की गई संभावित सीटों की सूची इस प्रकार है, जिन पर LJP (R) चुनाव लड़ने की योजना बना रही है:
क्षेत्र संभावित सीटें (LJP R)
बेगूसराय/मुंगेर : बख़री, साहिबपुर कमाल, तारापुर
समस्तीपुर/दरभंगा : रोसड़ा, राजा पाखड़, हायाघाट, गायघाट, मोरवा
सारण/सीवान : लालगंज, एकमा, मढ़ौरा
भोजपुर/मगध : अगिआंव, ओबरा, अरवल, गया, हिसुआ, गोविंदपुर, मखदुमपुर
पटना ग्रामीण/अन्य : फतुहा, दानापुर, ब्रह्पुर, राजगीर
सीमांचल/कोसी : कदवा, सोनबरसा, बलिरामपुर, कसबा, सिमरी बख़्तियारपुर
पूर्वी चंपारण : सुगौली
इन सीटों के बंटवारे में, चिराग पासवान ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है जहां उनके समर्थक और पार्टी का युवा वर्ग मजबूत स्थिति में है। इसमें रोसड़ा और सिमरी बख्तियारपुर जैसी सीटें शामिल हैं, जो पारंपरिक रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती हैं।
चिराग पासवान का बढ़ता राजनीतिक कद
बिहार की मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में चिराग पासवान एक महत्वपूर्ण ‘गेम चेंजर’ बनकर उभरे हैं। 29 सीटों का मिलना गठबंधन में उनके बढ़ते प्रभाव और शक्ति को स्पष्ट रूप से दिखाता है। पिछले चुनावों में पार्टी के विभाजन और बाद में उन्होंने जिस तरह से खुद को एक युवा और अकेले नेता के रूप में स्थापित किया है, वह बेहद काबिलेतारीफ है।
युवा वोट बैंक पर फोकस: LJP (R) इन सीटों पर अपने युवा उम्मीदवारों को उतारकर राज्य के युवा मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास करेगी।
पारंपरिक आधार का पुनरुत्थान: पार्टी उन सीटों पर भी फोकस कर रही है, जहां दिवंगत नेता रामविलास पासवान का मजबूत जनाधार रहा है, ताकि पार्टी के पारंपरिक दलित और महादलित वोट बैंक को फिर से एकजुट किया जा सके।
गठबंधन की मजबूरी: गठबंधन के भीतर, चिराग पासवान की लगातार मांग रही है कि उन्हें उनके पिछले प्रदर्शन और क्षमता के अनुरूप सीटें दी जाएं। 29 सीटों पर सहमति बन जाने से गठबंधन की एकता और चुनाव से पहले की स्थिरता मजबूत हुई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन 29 सीटों पर LJP (R) का प्रदर्शन न सिर्फ चिराग पासवान के राजनीतिक भविष्य का फैसला करेगा, बल्कि बिहार के चुनावी नतीजों और आगे के गठबंधन समीकरणों को भी प्रभावित करने की क्षमता रखेगा।
चुनावी रण में LJP (R) की रणनीति
चिराग पासवान की पार्टी ने इन 29 सीटों पर अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एक बहुआयामी रणनीति तैयार की है:
‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ का नारा: पार्टी फिर से अपने मूल नारे के साथ जनता के बीच जाएगी, जिसमें रोजगार, शिक्षा और पलायन जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
संगठनात्मक मजबूती: इन सीटों पर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और गठबंधन के सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
युवा चेहरा और सोशल इंजीनियरिंग: चिराग पासवान अपने युवा चेहरे का लाभ उठाते हुए जातिगत सीमाओं से परे जाकर सभी वर्गों के युवा मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश करेंगे।
पार्टी जल्द ही इन सभी 29 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर सकती है। अब देखना यह है कि चिराग पासवान इन 29 सीटों पर कितना बेहतरीन प्रदर्शन करके खुद को बिहार की राजनीति में एक अविस्मरणीय शक्ति के रूप में स्थापित कर पाते हैं।