लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 123वीं जयंती पर स्मरण समारोह, देश को जेपी जैसे प्रेरक नेतृत्व की आवश्यकता

लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र एवं सम्पूर्ण क्रांति अभियान के साझा आयोजन में प्रबुद्ध हस्तियों ने जेपी के विचारों को अपनाने का आह्वान किया

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  • समारोह नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद सभागार में संपन्न हुआ।
  • समाजवादी नेता श्याम गंभीर ने कहा—जेपी ने देश को नई दिशा दी।
  • वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत ने देश में जेपी जैसे नेतृत्व की अहमियत पर ज़ोर दिया।
  • सांस्कृतिक, राजनीतिक, सामाजिक और मीडिया जगत की प्रमुख हस्तियों ने सहभागिता निभाई।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 12 अक्टूबर: नई दिल्ली। लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र (सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक संगठन) और सम्पूर्ण क्रांति अभियान के साझा आयोजन में भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और सम्पूर्ण क्रांति के मार्गदर्शक लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 123वीं जयंती का स्मरण समारोह 11 अक्टूबर 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के सभागार, दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई और लोकनायक जयप्रकाश के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भारत-तिब्बत सहयोग मंच के आचार्य येशी फूंसटक, वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत, समाजवादी विचारक एवं सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव श्याम गंभीर, वरिष्ठ पत्रकार एवं दूरदर्शन के पूर्व उप महानिदेशक सुधांशु रंजन, सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता महेंद्र कुमार गुप्ता, अखिल भारतीय पंचायत परिषद के अध्यक्ष बाल्मीकि प्रसाद सिंह, फिल्म एवं टीवी कलाकार अभिनव चतुर्वेदी सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।

समाजवादी नेता श्याम गंभीर ने अपने संबोधन में कहा कि “लोकनायक जयप्रकाश ने देश को नई दिशा दी और आदर्श नेतृत्व की एक मिसाल कायम की।” पर्यावरणविद ज्ञानेन्द्र रावत ने कहा, “आज के युग में देश को ऐसे निर्भीक और द्रष्टा नेतृत्व की आवश्यकता है जैसा जेपी ने प्रस्तुत किया।”

कार्यक्रम का संचालन लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र के संस्थापक और राष्ट्रीय महासचिव अभय सिन्हा ने किया, जिन्होंने जेपी के जीवन, उनके सिद्धांतों और सम्पूर्ण क्रांति के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।

इस अवसर पर दिल्ली के अनेक प्रतिष्ठित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार और साहित्यकार भी उपस्थित रहे, जिन्होंने जयप्रकाश नारायण के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

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