फिरोजाबाद एनकाउंटर: 50 हजारी बदमाश नरेश पंडित ढेर, ASP अनुज चौधरी बाल-बाल बचे
2 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड नरेश पंडित कौन था और क्या है उसका खौफनाक क्राइम रिकॉर्ड?
- बड़ी मुठभेड़: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में रविवार (5 अक्टूबर) देर शाम पुलिस और कुख्यात 50 हजार के इनामी बदमाश नरेश पंडित के बीच मुठभेड़ हुई।
- ASP पर हमला: मुठभेड़ के दौरान नरेश पंडित की चलाई गई एक गोली सीधे एएसपी (ग्रामीण) अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में जा लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची।
- बदमाश ढेर: करीब 20 मिनट तक चली जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने नरेश पंडित को ढेर कर दिया, जबकि इस दौरान रामगढ़ थाना प्रभारी संजीव दुबे भी गोली लगने से घायल हो गए।
समग्र समाचार सेवा
फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश), 7 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रविवार देर रात मक्खनपुर थाना क्षेत्र के खेड़ा गणेशपुर के पास बीएमआर होटल के पीछे का इलाका गोलियों की आवाज से दहल उठा। पुलिस को सूचना मिली थी कि हाल ही में हुई ₹2 करोड़ की कैश लूटकांड का मुख्य आरोपी और ₹50,000 का इनामी नरेश पंडित इस क्षेत्र में छिपा हुआ है।
सूचना मिलते ही एएसपी (ग्रामीण) अनुज चौधरी के नेतृत्व में शिकोहाबाद, मक्खनपुर और रामगढ़ थाने की पुलिस के साथ एसओजी टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरा देख अलीगढ़ निवासी कुख्यात अपराधी नरेश पंडित ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान नरेश पंडित की एक गोली सीधे एएसपी अनुज चौधरी के सीने में लगी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट ने उनकी जान बचा ली। गोली के जोरदार झटके के बावजूद, एएसपी चौधरी ने मोर्चा संभाले रखा और अपनी टीम को ऑपरेशन जारी रखने का निर्देश दिया। जवाबी फायरिंग में बदमाश नरेश पंडित गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में थाना रामगढ़ प्रभारी संजीव दुबे भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
कौन था कुख्यात अपराधी नरेश पंडित?
मारा गया अपराधी नरेश पंडित दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका था। उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा और खौफनाक है:
कुख्यात लुटेरा: नरेश पंडित पर दिल्ली के मयूर विहार, मुखर्जी नगर, गाजीपुर, फरीदाबाद, गाजियाबाद और फिरोजाबाद सहित कई जिलों में एक दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें लूट, हत्या के प्रयास, डकैती और अपहरण जैसे मामले शामिल थे।
2 करोड़ की लूट का मास्टरमाइंड: वह हाल ही में 30 सितंबर को कानपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर ₹2 करोड़ की कैश वैन लूटकांड का मुख्य साजिशकर्ता था। उसने अपने गिरोह के साथ मिलकर जीके कंपनी के कर्मचारियों से यह लूट की थी।
पुलिस अभिरक्षा से फरारी: पुलिस ने 4 अक्टूबर को नरेश सहित छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके पास से ₹1 करोड़ से अधिक की नकदी बरामद की थी। हालांकि, शेष नकदी की बरामदगी के दौरान नरेश पंडित पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब हो गया था, जिसके बाद उसकी तलाश में पुलिस ने ₹50 हजार का इनाम घोषित किया था।
पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से दो पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और लगभग ₹40 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद की है, जिसे नरेश ने लूटी गई रकम में से छिपा रखा था।
चर्चा में ASP अनुज चौधरी
इस सफल ऑपरेशन के बाद एक बार फिर एएसपी अनुज चौधरी चर्चा का विषय बन गए हैं। अनुज चौधरी न केवल एक तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी हैं, बल्कि वह एक पेशेवर रेसलर और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी भी हैं। फिरोजाबाद में तैनाती से पहले वह संभल में सीओ थे और अपनी बेहतरीन कार्यशैली के लिए जाने जाते थे, जिसके चलते उन्हें प्रमोशन देकर फिरोजाबाद भेजा गया था।
एएसपी चौधरी ने गोली लगने के बावजूद जिस बहादुरी और साहस का परिचय दिया, उसकी पुलिस विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।