एलपीजी से यूपीआई तक: अक्टूबर से लागू हुए नए नियम
रेलवे टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव, आधार वेरिफिकेशन जरूरी
- रेलवे में अब रिजर्वेशन शुरू होने के पहले 15 मिनट आधार-वेरिफाइड यात्रियों के लिए|
- एनपीएस में एक ही PAN/PRAN पर मल्टीपल स्कीम में निवेश की अनुमति|
- यूपीआई पर P2P (डायरेक्ट रिक्वेस्ट) सुविधा बंद, अब 5 लाख रुपये तक ट्रांसफर संभव|
- कमर्शियल गैस सिलेंडर 15.50 रुपये महंगा, घरेलू कीमतें जस की तस|
कुमार राकेश
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर: अक्टूबर का महीना आम जनता के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आया है। ये बदलाव रोज़मर्रा की ज़िंदगी से सीधे तौर पर जुड़े हैं—चाहे रेलवे टिकट बुकिंग हो, यूपीआई ट्रांजैक्शन हो, पेंशन निवेश या फिर रसोईघर में इस्तेमाल होने वाला एलपीजी सिलेंडर। अगर आप इन नए नियमों से अपडेटेड रहेंगे, तो न केवल परेशानी से बच सकते हैं बल्कि कई मामलों में फायदा भी उठा सकेंगे।
रेलवे टिकट बुकिंग के नए नियम
भारतीय रेलवे ने आज से रिजर्वेशन प्रक्रिया में अहम बदलाव लागू किया है। अब टिकट बुकिंग खुलने के पहले 15 मिनट तक केवल वही यात्री टिकट ले सकेंगे, जिनका आधार वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है। यह नियम न सिर्फ आईआरसीटीसी वेबसाइट पर, बल्कि मोबाइल एप से टिकट बुकिंग पर भी लागू होगा। रेलवे का मानना है कि इससे फर्जी बुकिंग और दलालों पर रोक लगेगी और यात्रियों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी।
एनपीएस में निवेश की नई सुविधा
पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में भी बदलाव किया है। अब गैर-सरकारी सेक्टर के सब्सक्राइबर्स को एक ही PAN या PRAN नंबर के तहत मल्टीपल स्कीम्स में निवेश की सुविधा मिलेगी। यह कदम निवेशकों को अधिक लचीलापन और रिटर्न के विकल्प उपलब्ध कराएगा।
यूपीआई ट्रांजैक्शन पर नई शर्तें
डिजिटल पेमेंट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच यूपीआई नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब किसी भी एप पर आप डायरेक्ट पैसे मांग नहीं पाएंगे, क्योंकि P2P (पर्सन-टू-पर्सन रिक्वेस्ट) सुविधा बंद कर दी गई है। एनपीसीआई ने यह कदम धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। वहीं, यूपीआई से अब ट्रांजैक्शन लिमिट भी बढ़ा दी गई है—पहले जहां एक लाख रुपये तक की ट्रांसफर सीमा थी, वहीं अब 5 लाख रुपये तक का भुगतान संभव होगा।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा
त्योहारी सीजन से पहले महंगाई ने भी दस्तक दी है। दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 1595.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 1580 रुपये का मिलता था। यानी प्रति सिलेंडर 15.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।