ट्रंप का 100% टैरिफ: अमेरिकी बाजार में भारतीय फिल्मों के लिए बड़ी चुनौती
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के बाहर बनी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने का किया ऐलान , जिससे भारतीय फिल्मों की कमाई, टिकट की कीमत और दर्शकों पर असर पड़ेगा
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका के बाहर बनी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने का फैसला किया।
- भारतीय फिल्मों की अमेरिका में लागत दोगुनी हो सकती है, जिससे कमाई प्रभावित होगी।
- टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं, डिजिटल और सैटेलाइट प्लेटफॉर्म भी महंगे होंगे।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 सितंबर: डोनाल्ड ट्रंप ने टूथ सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका के बाहर बनी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा. उन्होंने लिखा, “हमारी फिल्म इंडस्ट्री को दूसरे देशों ने चुरा लिया है, जैसे बच्चे से कैंडी चुराना|
इसका असर सीधे भारतीय फिल्मों पर भी पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका भारतीय फिल्मों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजार है। बॉलीवुड और टॉलीवुड की कई हिट फिल्मों ने अमेरिकी दर्शकों से करोड़ों डॉलर की कमाई की है। अब इस टैरिफ के कारण फिल्मों की लागत बढ़ सकती है और प्रोड्यूसर, डिस्ट्रीब्यूटर और दर्शक सभी प्रभावित होंगे
भारतीय फिल्मों पर संभावित प्रभाव: अमेरिकी थिएटर में भारतीय फिल्मों की लागत बढ़ने से डिस्ट्रीब्यूटर और प्रोड्यूसर को नुकसान हो सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई फिल्म 5 करोड़ रुपये में खरीदी जाती है, तो टैरिफ के बाद इसकी लागत 10 करोड़ रुपये तक पहुँच सकती है।
टिकट की कीमतें बढ़ेंगी: प्रोड्यूसर या थिएटर मालिक इस अतिरिक्त लागत को दर्शकों पर डाल सकते हैं। अमेरिका में टिकट 10-15 डॉलर से बढ़कर 20-30 डॉलर तक हो सकते हैं।
डिजिटल और अन्य प्लेटफॉर्म प्रभावित: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 100% मूवी टैक्स, डिजिटल एंटरटेनमेंट के सीमा-पार डिस्ट्रिब्यूशन पर पहला अमेरिकी टैरिफ होगा, जो लगभग पूरी तरह से डिजिटल हो चुके वैश्विक सिनेमा को सीधे तौर पर टारगेट करता है. इसमें थियेटर डिजिटल सिनेमा पैकेज से लेकर नेटफ्लिक्स-अमेजन जैसे स्ट्रीमिंग दिग्गज शामिल हैं. खास बात ये है कि यह अपनी तरह का पहला हमला है, जिसका बड़ा असर उत्तरी अमेरिका में भारतीय सिनेमा के तेजी से बढ़ते कारोबार पर भी देखने को मिल सकता है|
अमेरिका में भारतीय फिल्मों का बाजार: अमेरिका में भारतीय डायस्पोरा हर साल तेलुगु, हिंदी, तमिल, मलयालम, पंजाबी और बंगाली फिल्मों पर लगभग 100 मिलियन डॉलर (लगभग 800 करोड़ रुपये) खर्च करता है। अमेरिकी बाजार में केवल भारतीय दर्शक नहीं हैं; पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के दर्शक भी इन फिल्मों को देखते हैं। टॉलीवुड की फिल्में सबसे ज्यादा अमेरिका में रिलीज़ होती हैं, उसके बाद बॉलीवुड, तमिल, मलयालम और पंजाबी फिल्में।
हाल की हिट फिल्मों की अमेरिका में कमाई:
‘बाहुबली 2’ ने 22 मिलियन डॉलर कमाए। इसके अलावा ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘पाठान’, ‘आरआरआर’, ‘पुष्पा 2’, ‘जवान’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों ने लगभग 15-19 मिलियन डॉलर कमाए। इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से होने वाली कमाई भारतीय फिल्मों के कुल बॉक्स ऑफिस का 5-7% हिस्सा है।
ट्रंप का यह फैसला अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को बचाने के लिए है, लेकिन इसका असर वैश्विक व्यापार और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री पर पड़ेगा। इंडस्ट्री को नई रणनीतियाँ बनानी होंगी ताकि अमेरिका में दर्शकों तक पहुँच बनी रहे। अगर अन्य देशों ने जवाबी टैरिफ लगाए, तो हॉलीवुड को भी नुकसान होगा। कुल मिलाकर, यह भारतीय फिल्मों के लिए चुनौतीपूर्ण समय है।