डॉ. वाएल अव्वाद ने संभाला IAPC अध्यक्ष पद
साउथ एशिया फॉरेन करेस्पॉन्डेंट्स क्लब (FCC) के अध्यक्ष ने इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (IAPC) का नेतृत्व लंदन से नई दिल्ली स्थानांतरित किया; प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा का संकल्प।
- वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वाएल अव्वाद को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (IAPC) का नया अध्यक्ष चुना गया.
- यह जिम्मेदारी लंदन प्रेस क्लब से साउथ एशिया फॉरेन करेस्पॉन्डेंट्स क्लब (FCC) को हस्तांतरित की गई, जिससे वैश्विक पत्रकारिता संवाद में नई दिल्ली की भूमिका मजबूत हुई है.
- डॉ. अव्वाद ने प्रेस स्वतंत्रता, पारदर्शिता, और गलत सूचना (disinformation) के खिलाफ सदस्य क्लबों के बीच सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया.
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 सितंबर 2025: वरिष्ठ पत्रकार और जियोपॉलिटिकल विश्लेषक डॉ. वाएल अव्वाद (Dr. Waiel Awwad) ने इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (IAPC) के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। नई दिल्ली में आयोजित IAPC की वार्षिक महासभा के समापन के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह पद ग्रहण किया। डॉ. अव्वाद वर्तमान में फॉरेन करेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC साउथ एशिया) के भी अध्यक्ष हैं, और उनके नेतृत्व में IAPC का मुख्यालय प्रतीकात्मक रूप से लंदन से नई दिल्ली स्थानांतरित हो गया है, जो वैश्विक मीडिया संवाद में दक्षिण एशिया की बढ़ती भूमिका का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
एक अनुभवी पत्रकार को मिली वैश्विक जिम्मेदारी
डॉ. वाएल अव्वाद चार दशकों से अधिक के अनुभव वाले एक सीरियाई मूल के पत्रकार हैं, जो लंबे समय से भारत में कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री ली है और पत्रकारिता, अंतरराष्ट्रीय कानून तथा मानवाधिकारों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने श्रीलंका, कश्मीर, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया जैसे संघर्ष क्षेत्रों की जोखिम भरी रिपोर्टिंग की है। उन्हें 2003 में इराक में अमेरिकी सैनिकों के साथ एम्बेडेड रहते हुए पकड़ लिया गया था, लेकिन वह दस दिनों बाद सुरक्षित निकलने में सफल रहे थे।
उनकी गहरी समझ और युद्ध पत्रकारिता के अनुभव को देखते हुए, IAPC जैसे वैश्विक निकाय का नेतृत्व करना पत्रकारिता समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रेस की स्वतंत्रता और एकता पर ज़ोर
IAPC के अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद, डॉ. अव्वाद ने वैश्विक पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा महत्वपूर्ण समय है जब गलत सूचना (disinformation) और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने के अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. अव्वाद ने अपने संदेश में IAPC के सभी सदस्य क्लबों से एकजुटता बनाए रखने और प्रेस स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उनके विजन में पारदर्शिता (Transparency), समावेशिता (Inclusivity) और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी मुख्य बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य FCC साउथ एशिया की वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को बहाल करना है, और यह सुनिश्चित करना है कि पत्रकार सच्चाई बताने के अपने मिशन में समर्थित महसूस करें।
IAPC और FCC साउथ एशिया का इतिहास
इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (IAPC) दुनिया भर के पचास से अधिक प्रेस क्लबों को एकजुट करता है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा पत्रकारों के अधिकारों के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।
FCC साउथ एशिया, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी, इस क्षेत्र के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है। नई दिल्ली में IAPC महासभा की मेजबानी करना और डॉ. अव्वाद के नेतृत्व में IAPC की अध्यक्षता संभालना क्लब के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह कदम नई दिल्ली को वैश्विक पत्रकारिता संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करता है। IAPC के महासचिव जारोस्लाव व्लोडार्चिक ने विश्वास व्यक्त किया है कि डॉ. अव्वाद के मार्गदर्शन में, एसोसिएशन और मजबूत होगा तथा प्रेस स्वतंत्रता के लिए एक प्रकाशस्तंभ के रूप में काम करेगा।
डॉ. अव्वाद का लक्ष्य है कि FCC के माध्यम से सदस्य-नेतृत्व वाली पहलों को प्रोत्साहित किया जाए, क्लब के माहौल को संवाद और सहयोग के लिए अधिक जीवंत बनाया जाए, और पत्रकारिता की नैतिकता तथा व्यावसायिकता को बनाए रखा जाए।