ट्रंप से मिले शहबाज शरीफ और असीम मुनीर
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाक पीएम और सेना प्रमुख को बताया 'महान नेता', द्विपक्षीय संबंधों के लिए ऐतिहासिक बैठक।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की।
- यह बैठक अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में सुधार का ताजा और सबसे बड़ा संकेत है, खासकर छह साल बाद किसी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ यह पहला औपचारिक द्विपक्षीय संवाद था।
- दोनों नेताओं ने आतंकवाद विरोधी सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार के अवसरों पर चर्चा की, जिसके दौरान शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में ट्रंप की भूमिका के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन डी.सी., 27 सितंबर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ लंबी बैठक की। यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र से इतर हुई और इसे वॉशिंगटन और परमाणु शक्ति संपन्न मुस्लिम राष्ट्र पाकिस्तान के बीच फिर से मजबूत होते संबंधों का संकेत माना जा रहा है।
बैठक से ठीक पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दोनों पाकिस्तानी नेताओं की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल। फील्ड मार्शल बहुत महान व्यक्ति हैं और प्रधानमंत्री भी।” ट्रंप ने पाकिस्तानी नेताओं को ‘महान नेता’ कहकर संबोधित किया, जो उनके पिछले कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान को “आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना” कहने वाले रुख से बिलकुल अलग है।
द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा: व्यापार से लेकर आतंकवाद तक
व्हाइट हाउस में यह बैठक करीब एक घंटा 20 मिनट तक चली। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, अफगानिस्तान की स्थिति, आतंकवाद विरोधी सहयोग और व्यापार के अवसरों सहित कई क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और पाकिस्तान ने हाल ही में व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे पाकिस्तान के आयात पर टैरिफ कम हो गया है और अमेरिका को पाकिस्तान के विशाल तेल भंडारों के विकास में मदद करने की योजना है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन चीन और ईरान जैसे प्रतिद्वंद्वियों के करीब सैन्य पहुंच बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।
भारत-पाक संघर्ष विराम पर शरीफ का धन्यवाद
मुलाकात के दौरान शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने में अमेरिकी राष्ट्रपति की कथित भूमिका के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने ट्रंप को ‘शांति का पुरुष’ (Man of Peace) बताया और कहा कि उनके “साहसी और निर्णायक नेतृत्व” ने दक्षिण एशिया में एक बड़े युद्ध को टालने में मदद की।
हालांकि, भारत ने पहले भी ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज किया है कि उन्होंने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसियों के बीच मध्यस्थता की। भारत का रुख स्पष्ट है कि मई में दोनों सेनाओं के महानिदेशकों (DGMOs) के बीच सीधी बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। इस बीच, शरीफ ने ट्रंप को पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा के लिए निमंत्रण भी दिया।
भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते में तनाव
ट्रंप और शहबाज शरीफ की यह बढ़ती नजदीकी ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के संबंधों में कुछ तनाव देखा जा रहा है। यह तनाव मुख्य रूप से भारत द्वारा रूस से सस्ते तेल की खरीद और अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर 50% तक टैरिफ लगाने के बाद पैदा हुआ है। जानकारों का कहना है कि ट्रंप पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को मजबूत करके भारत के साथ मौजूदा तनाव को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह मुलाकात न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए, बल्कि क्षेत्र की भू-राजनीति के लिए भी एक बड़ा संकेत है। ट्रंप का ध्यान अफगानिस्तान में फिर से बग्राम एयरबेस पर कब्जा करने पर भी है, जिसकी रणनीतिक स्थिति चीन के परमाणु ठिकानों के करीब है।