सीमांचल में ओवैसी का मुस्लिम कार्ड
दिल्ली,25 सितंबर 2025, सीमांचल न्याय यात्रा के दौरान ओवैसी ने मुसलमानों की लीडरशिप का मुद्दा उठाया, RJD-कांग्रेस में बढ़ी टेंशन
AIMIM के अध्यक्ष ओवैसी के बिहार पहुंचते ही बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है, असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को ठाकुरगंज में आयोजित सभा में बिहार की सियासत को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जो आरजेडी और कांग्रेस की टेंशन बढ़ाने वाला है, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, बिहार के सियासत की हकीकत है कि राजपूत, भूमिहार, कुशवाहा, कुर्मी, यादव, पासवान, मांझी सभी का नेता है अगर किसी का नेता नहीं है तो वे 19 फीसद मुसलमानों का नेता नहीं है। इसकी जिम्मेदारी किसी हद तक हम पर भी है.
बिहार चुनाव में महागठबंधन की टेंशन बढ़ाने के लिए ओवैसी ने एंट्री मार दी है.असदुद्दीन ओवैसी ने 24 सितंबर से सीमांचल न्याय यात्रा शुरू की है और उस न्याय यात्रा में ही मुसलमानों के लीडरशीप को लेकर ये बयान दिया है,बिहार के सीमांचल में ओवैसी की ये सक्रियता आरजेडी के मुस्लिम वोट बैंक के लिए खतरा हो सकता है|
ओवैसी का मुस्लिम कार्ड
बिहार के सीमांचल में चार जिले हैं,कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज,पूर्णिया में उनतालिस%,कटिहार में 45%, किशनगंज में 68% और अररिया में 43% मुस्लिम आबादी है, जो इन सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है…ऐसे में अगर ओवैसी ने महागठबंधन से दूरी बनाकर अकेले चुनाव लड़ा तो फिर RJD और कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी करेंगे।