प्रशांत किशोर के आरोपों पर आरके सिंह ने माँगा सम्राट चौधरी से इस्तीफा

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा, 'पीके के आरोपों का जवाब दें या पद छोड़ दें', बिहार की राजनीति में मची खलबली।

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  • केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से प्रशांत किशोर के आरोपों का जवाब देने या अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है।
  • प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज’ यात्रा के दौरान लगाए गए इन आरोपों में सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल और दिलीप जायसवाल पर हत्या में संलिप्तता के आरोप शामिल हैं।
  • आरके सिंह ने साफ कहा है कि अगर नेता इन आरोपों का जवाब नहीं देते हैं, तो इससे पार्टी की साख को नुकसान हो रहा है।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 24 सितंबर, 2025: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। हाल ही में, केंद्रीय मंत्री और पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी भाजपा के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल से प्रशांत किशोर के आरोपों का सार्वजनिक रूप से जवाब देने या अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। आरके सिंह ने कहा कि अगर इन आरोपों का जवाब नहीं दिया जाता है, तो इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है।

प्रशांत किशोर, जो अपनी ‘जन सुराज’ यात्रा के माध्यम से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं, ने पिछले कुछ दिनों में एनडीए के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल उठाया है और आरोप लगाया है कि वे सिर्फ सातवीं पास हैं, जबकि उनके पास डॉक्टरेट की डिग्री है। उन्होंने सम्राट चौधरी पर एक हत्या के मामले में भी शामिल होने का आरोप लगाया था।

इसी तरह, प्रशांत किशोर ने दिलीप जायसवाल पर एक मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जा करने और हत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने जदयू के मंत्री अशोक चौधरी पर भी 200 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर न तो बीजेपी और न ही जेडीयू के नेताओं ने कोई सीधा जवाब दिया है, जिससे आरके सिंह काफी नाराज हैं।

पार्टी की छवि और नेताओं की चुप्पी

आरके सिंह ने अपने बयान में कहा, “अगर इन आरोपों का जवाब नहीं दिया गया, तो जनता इन्हें सच मान लेगी। यदि ये आरोप सही हैं, तो नेताओं को खुद पद छोड़ देना चाहिए, और अगर गलत हैं, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए या मानहानि का मुकदमा करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि नेताओं की चुप्पी के कारण पार्टी का ग्राफ नीचे गिर रहा है, जो आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

आरके सिंह का यह बयान बिहार बीजेपी में चल रही आंतरिक कलह को दर्शाता है। वे खुद 2024 के लोकसभा चुनाव में आरा सीट से हार गए थे और उन्होंने अपनी हार के लिए पार्टी के कुछ नेताओं पर ही साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस तरह, उनका यह बयान सिर्फ प्रशांत किशोर के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी के अंदर चल रही खींचतान का भी एक हिस्सा है।

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और सभी दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। आरके सिंह का यह बयान न केवल एनडीए गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, बल्कि विपक्षी दलों को भी हमला करने का एक नया मौका दे सकता है। अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल आरके सिंह के इस खुलेआम चुनौती का क्या जवाब देते हैं।

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