एशिया कप: बहिष्कार की धमकी से पाकिस्तान को भारी नुकसान!
मैच रेफरी को हटाने की मांग ठुकराई गई, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती का डर, 5 कारणों से समझिए क्यों यह सिर्फ एक धमकी है।
- भारत से मिली हार के बाद पाकिस्तान ने मैच रेफरी को हटाने की मांग करते हुए एशिया कप का बहिष्कार करने की धमकी दी।
- ऐसा करने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा।
- यह धमकी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे भविष्य में उनके साथ खेलना मुश्किल हो सकता है।
समग्र समाचार सेवा
दुबई, 16 सितंबर, 2025: एशिया कप 2025 में भारत से करारी हार झेलने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) दोनों ही मुश्किल में हैं। हार के बाद हुए ‘नो-हैंडशेक’ विवाद ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। भारतीय खिलाड़ियों द्वारा मैच के बाद हाथ न मिलाने पर, पाकिस्तान ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को हटाने की मांग करते हुए एशिया कप का बहिष्कार करने की धमकी दी है। हालांकि, विशेषज्ञों और खेल विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक खाली धमकी है, क्योंकि अगर पाकिस्तान ऐसा करता है तो उसे कई बड़े नुकसान झेलने पड़ेंगे।
सबसे बड़ा नुकसान आर्थिक होगा। एशिया कप एक बड़ा टूर्नामेंट है जिसमें भाग लेने वाली टीमों को एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) से बड़ी रकम मिलती है। अगर पाकिस्तान बीच में ही टूर्नामेंट छोड़ देता है, तो उसे यह रकम नहीं मिलेगी। इसके अलावा, ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स के साथ हुए समझौतों को तोड़ने के कारण पीसीबी पर भारी जुर्माना भी लग सकता है। यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका होगा, जो पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय छवि और टूर्नामेंट से बाहर होने का डर
अगर पाकिस्तान अपनी धमकी पर अमल करता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बेइज्जती का सामना करना पड़ेगा। विश्व क्रिकेट में यह संदेश जाएगा कि पाकिस्तान एक अनुशासनहीन और गैर-पेशेवर क्रिकेट टीम है, जो हार को स्वीकार नहीं कर सकती। भविष्य में कोई भी देश पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज या टूर्नामेंट खेलने से हिचकिचा सकता है। यह विश्व कप जैसे बड़े आयोजनों में उनकी छवि पर भी नकारात्मक असर डालेगा।
खेल के लिहाज से, बहिष्कार का सीधा मतलब है टूर्नामेंट से बाहर होना। पाकिस्तान को अपने अगले मैच में यूएई से खेलना है। अगर पाकिस्तान इस मैच को खेलने से इनकार करता है, तो यूएई को वाकओवर मिल जाएगा और उसे 4 अंक मिल जाएंगे। पाकिस्तान के पास केवल ओमान के खिलाफ जीत के 2 अंक ही रहेंगे, जो उसे सुपर-4 में क्वालीफाई करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। इस तरह, पाकिस्तान बिना लड़े ही टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान के इस तरह के कदम से टूर्नामेंट की पूरी प्लानिंग पर असर पड़ेगा। एशिया कप की पूरी अंक प्रणाली और मैच शेड्यूल बिगड़ जाएगा, जिससे अन्य टीमों की प्रगति पर भी असर पड़ेगा।
क्यों हुई ‘नो-हैंडशेक’ की घटना?
इस पूरे विवाद की जड़ में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ हालिया मैच है। भारत में हुए एक आतंकी हमले के बाद, भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपने विरोध का संदेश दिया। मैच जीतने के बाद, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया और यह जीत सेना के जवानों और आतंकी हमले के पीड़ितों को समर्पित की। इस घटना से पाकिस्तान में भारी गुस्सा देखा गया और पीसीबी ने एसीसी और आईसीसी में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई।
फिलहाल, पाकिस्तान की धमकी एक दबाव की रणनीति लग रही है। आर्थिक और खेल के मोर्चे पर होने वाले नुकसान को देखते हुए यह संभावना कम ही है कि पाकिस्तान वास्तव में टूर्नामेंट का बहिष्कार करेगा।
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