बीजेपी का 4 सितंबर को ‘बिहार बंद’ का ऐलान

महागठबंधन के कार्यक्रम में की गई टिप्पणी पर भड़की भाजपा, सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक 'चक्का जाम' का आह्वान, आवश्यक सेवाएं रहेंगी चालू।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने 4 सितंबर को बिहार बंद का आह्वान किया है।
  • यह बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा, जिसमें ‘चक्का जाम’ भी शामिल है, लेकिन आपातकालीन सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है।
  • बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस बंद की घोषणा करते हुए महागठबंधन पर राजनीतिक मर्यादाओं को लांघने का आरोप लगाया है।

समग्र समाचार सेवा
पटना, 02 सितंबर 2025: बिहार की सियासत में इन दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर बवाल मचा हुआ है। महागठबंधन के एक कार्यक्रम में कुछ नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री और उनकी मां के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस घटना के विरोध में भाजपा ने पूरे बिहार में 4 सितंबर को ‘बिहार बंद’ का आह्वान किया है। भाजपा का कहना है कि यह बंद न केवल प्रधानमंत्री के सम्मान में है, बल्कि उन सभी माताओं के सम्मान में है, जिनका अपमान किया गया है।

बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इस बंद की घोषणा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है, जब विपक्षी दल के नेता इतने निचले स्तर पर उतर आए हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “यह सिर्फ हमारे प्रधानमंत्री का अपमान नहीं है, बल्कि देश की हर मां का अपमान है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसका पुरजोर विरोध करेंगे।” उन्होंने बताया कि बंद के दौरान, सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक राज्य के प्रमुख मार्गों पर ‘चक्का जाम’ किया जाएगा। हालांकि, इस दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, दवाई की दुकानें और अन्य सभी आवश्यक सेवाएं अप्रभावित रहेंगी ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।

इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ा, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इन टिप्पणियों का जिक्र किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ये गालियां सिर्फ मेरी मां के लिए नहीं हैं, बल्कि पूरे देश की माताओं के लिए हैं। प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद, बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे प्रधानमंत्री के बयान को सुनते हुए भावुक हो गए और रोने लगे। यह वीडियो तेजी से फैला और इसने इस मुद्दे को और भी गंभीर बना दिया। भाजपा के नेताओं ने इसे महागठबंधन की हताशा का प्रतीक बताया है। उनका कहना है कि आने वाले चुनावों में अपनी संभावित हार को देखते हुए महागठबंधन के नेता व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।

इस घटना पर महागठबंधन के नेताओं की तरफ से भी सफाई पेश की जा रही है, लेकिन भाजपा ने उनकी सफाई को खारिज कर दिया है। भाजपा ने बिहार के लोगों से अपील की है कि वे इस बंद में शामिल होकर इन पार्टियों को जवाब दें और यह दिखाएं कि बिहार की जनता अभद्र और अपमानजनक राजनीति को स्वीकार नहीं करती। इस बंद के कारण 4 सितंबर को पटना सहित पूरे बिहार में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बंद का कितना असर होता है और क्या यह भाजपा को राजनीतिक रूप से फायदा पहुंचाएगा। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और भी गरमा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर डटे हुए हैं। भाजपा इस बंद के जरिए महागठबंधन को एक मजबूत संदेश देना चाहती है कि वह इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के बीच जाकर इसका हिसाब लेगी।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.