AAP विधायक हरमीत पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार

पुलिस पर गोलीबारी कर भागे रेप के आरोपी, कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल

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  • आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं।
  • फरार होने के दौरान विधायक और उनके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।
  • यह घटना पंजाब की भगवंत मान सरकार के लिए एक बड़ा संकट है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 02 सितंबर 2025: पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सनौर विधानसभा सीट से AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा बलात्कार के आरोप में गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत से फरार हो गए हैं। यह घटना न केवल पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी एक गहरा दाग लगाती है। विधायक और उनके साथियों ने इस दौरान पुलिसकर्मियों पर फायरिंग भी की, जिससे एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल, ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि अगर एक विधायक, जिस पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप हैं, पुलिस हिरासत से भाग सकता है, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

विधायक पर लगा था बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप

हरमीत सिंह पठानमाजरा पर एक महिला ने बलात्कार और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। महिला ने दावा किया था कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे रिश्ता बनाया और उसके साथ यौन संबंध बनाए। महिला की शिकायत के बाद पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन था।

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की खबर मिलते ही हरमीत सिंह पंजाब से हरियाणा भाग गए थे। पंजाब पुलिस की एक टीम ने हरियाणा के करनाल के गांव डाबरी में दबिश देकर विधायक को गिरफ्तार किया था। लेकिन जब पुलिस उन्हें स्थानीय थाने ले जा रही थी, तभी पठानमाजरा और उनके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए।

पुलिस और सरकार पर उठे सवाल

इस घटना ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कैसे संभव है कि एक आरोपी विधायक, वह भी जब उस पर बलात्कार जैसे संगीन आरोप लगे हों, पुलिस हिरासत से भाग निकले? सबसे बड़ा सवाल यह है कि विधायक को भागने में उसके साथियों ने मदद की, और उन्होंने फायरिंग तक की। इससे साफ होता है कि विधायक को भागने के लिए पूरी तैयारी थी।

यह घटना आम आदमी पार्टी के लिए भी एक बड़ी शर्मिंदगी है, क्योंकि पार्टी ने खुद को एक स्वच्छ और भ्रष्टाचार-मुक्त सरकार देने के वादे के साथ सत्ता में लाया था। विपक्षी दलों ने इस घटना को ‘आप’ सरकार की विफलता बताया है और मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस पर जवाब मांगा है।

पंजाब पुलिस ने विधायक की तलाश के लिए पूरे राज्य में नाकेबंदी कर दी है। पुलिस टीमें हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से लगती सीमाओं पर भी अलर्ट पर हैं। फिलहाल, पुलिस ने फॉर्च्यूनर कार को जब्त कर लिया है, लेकिन विधायक स्कॉर्पियो में फरार है और उसका कोई सुराग नहीं मिला है।

आगे क्या?

जब तक विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को फिर से गिरफ्तार नहीं किया जाता, यह घटना पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक गंभीर दाग बनी रहेगी। इस मामले से राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे, और यह आगामी चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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