अमेरिका का नया वीजा नियम: ब्लू डार्ट कोरियर सेवा बंद
अमेरिकी दूतावास ने पासपोर्ट वापसी के नियमों में किया बदलाव
- अमेरिकी दूतावास ने भारत में वीजा आवेदकों के लिए ब्लू डार्ट के माध्यम से पासपोर्ट कोरियर सेवा को बंद कर दिया है।
- यह बदलाव 1 अगस्त 2025 से लागू हो गया है, जिससे वीजा आवेदन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है।
- अब आवेदकों को अपना पासपोर्ट एक नामित वीजा आवेदन केंद्र (VAC) से खुद जाकर लेना होगा।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01 सितंबर 2025: संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास ने भारत में वीजा आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। 1 अगस्त, 2025 से, वीजा आवेदकों को उनके पासपोर्ट कोरियर के माध्यम से वापस नहीं भेजे जाएंगे। इस बदलाव से पहले, ब्लू डार्ट कोरियर सेवा के जरिए पासपोर्ट सीधे आवेदकों के घरों तक पहुंचाए जाते थे, लेकिन अब यह सेवा बंद कर दी गई है। यह कदम अमेरिकी दूतावास की सेवाओं को बेहतर बनाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की पहल का हिस्सा है।
इस बदलाव के बाद, अब वीजा आवेदकों को अपना पासपोर्ट खुद जाकर एक नामित वीजा आवेदन केंद्र (VAC) से लेना होगा। यह प्रक्रिया वीजा इंटरव्यू के बाद की जाती है, जब दूतावास वीजा को पासपोर्ट पर मुहर लगा देता है। यह नया नियम सभी श्रेणियों के वीजा आवेदकों पर लागू होता है, चाहे वह छात्र वीजा (F1) हो, पर्यटक वीजा (B1/B2) हो या एच1बी वीजा हो।
क्या है नई प्रक्रिया?
नए नियमों के अनुसार, जब आपका वीजा स्वीकृत हो जाता है और पासपोर्ट वापस लेने के लिए तैयार होता है, तो आपको दूतावास या कांसुलेट द्वारा सूचित किया जाएगा। यह सूचना आमतौर पर ईमेल या एसएमएस के जरिए दी जाती है। इसके बाद, आपको अपने नजदीकी वीजा आवेदन केंद्र (VAC) पर जाकर पासपोर्ट लेना होगा। पासपोर्ट लेते समय, आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखने होंगे, जिनमें आपकी वैध आईडी और अपॉइंटमेंट कन्फर्मेशन पेज शामिल है।
अमेरिकी दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल पासपोर्ट कोरियर सेवा तक सीमित है। बाकी की वीजा आवेदन प्रक्रिया, जिसमें ऑनलाइन आवेदन भरना, शुल्क का भुगतान करना और इंटरव्यू देना शामिल है, पहले की तरह ही रहेगी। यह कदम विशेष रूप से उन आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण है जो दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं, क्योंकि उन्हें अब पासपोर्ट लेने के लिए VAC तक की यात्रा करनी होगी।
सेवा दक्षता और सुरक्षा पर जोर
अमेरिकी दूतावास का मानना है कि यह कदम सेवा दक्षता को बढ़ाएगा और पासपोर्ट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम आवेदकों को बेहतर और सुरक्षित सेवा प्रदान करने के लिए उठाया गया है। यह बदलाव एक ऐसे समय में आया है जब भारत में अमेरिकी वीजा की मांग लगातार बढ़ रही है और दूतावास अपनी प्रक्रिया को और सुव्यवस्थित करने की कोशिश कर रहा है।
इस नए नियम से कुछ आवेदकों को असुविधा हो सकती है, लेकिन यह पासपोर्ट जैसी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक कदम माना जा रहा है। इस संबंध में, दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर भी विस्तृत जानकारी जारी की है ताकि आवेदकों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।