पीएम मोदी की जापान यात्रा पूरी, SCO सम्मेलन के लिए चीन पहुंचे
कूटनीति का नया अध्याय: एशिया में भारत की मजबूत स्थिति
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो दिवसीय जापान यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न की, जहां 13 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
- वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तिआनजिन शहर पहुंचे।
- पीएम मोदी इस सम्मेलन से इतर शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30 अगस्त, 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के दूसरे चरण में जापान से चीन के लिए प्रस्थान किया। दो दिवसीय जापान यात्रा के सफल समापन के बाद, प्रधानमंत्री शनिवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। यह यात्रा पिछले सात सालों में उनकी पहली चीन यात्रा है, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
जापान में, प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में 13 महत्वपूर्ण समझौते और घोषणाएं हुईं। इन समझौतों में आर्थिक साझेदारी, रक्षा, सेमीकंडक्टर और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
जापान में ऐतिहासिक समझौते
जापान में पीएम मोदी ने एक संयुक्त दृष्टिकोण पत्र जारी किया, जिसमें अगले एक दशक में भारत में $67 बिलियन के जापानी निजी निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। यह निवेश मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, स्वच्छ हाइड्रोजन, और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में होगा।
दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी एक संयुक्त पहल शुरू की है। इसके अलावा, एक नई मानव संसाधन विनिमय योजना भी शुरू की गई है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में जापान में 50,000 कुशल भारतीय श्रमिकों को लाने का लक्ष्य रखा गया है।
पीएम मोदी ने जापान के 16 प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात कर उनसे भी भारत के राज्यों के साथ साझेदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने जापान के मियागी प्रांत के सेंदाई में एक सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का भी दौरा किया, जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब चीन में महत्वपूर्ण बैठकें
जापान से अपनी यात्रा पूरी करने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी चीन के तियानजिन शहर पहुंचे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और चीन के बीच 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद संबंध सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।
चीन में, पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह मंच उन्हें न केवल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से, बल्कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य वैश्विक नेताओं से भी द्विपक्षीय बातचीत करने का अवसर देगा। इन बैठकों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ये अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच हो रही हैं।
चीन में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया, जिसमें ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे। यह स्वागत दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।