अमित शाह ने किया असम में ‘ब्रह्मपुत्र विंग’ का उद्घाटन, सुरक्षा परियोजनाओं की शुरुआत
साइबर अपराध पर वार: अमित शाह ने राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब का किया ई-उद्घाटन
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के राजभवन में नवनिर्मित ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन किया।
- उन्होंने राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब समेत 322 करोड़ रुपये की विभिन्न सुरक्षा और विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
- इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार आपराधिक न्याय प्रणाली में फोरेंसिक-आधारित जांच को प्राथमिकता दे रही है।
समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 29 अगस्त, 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने असम दौरे के दूसरे दिन गुवाहाटी में राजभवन के नवनिर्मित ब्रह्मपुत्र विंग का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक विंग 3300 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बना है और इसका उद्देश्य संवैधानिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के साथ-साथ छात्रों, कलाकारों और शोधकर्ताओं के लिए एक संवाद केंद्र के रूप में काम करना है। इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद थे।
साइबर सुरक्षा को मिला बढ़ावा
राजभवन के नए विंग के उद्घाटन के साथ ही, अमित शाह ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का ई-उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें से सबसे प्रमुख है, लचित बरफुकन पुलिस अकादमी, डेरगांव में स्थापित राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक लैब (NCFL)। लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह लैब पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में साइबर अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अमित शाह ने कहा कि यह लैब नागरिकों के डिजिटल लेनदेन और कड़ी मेहनत से कमाई गई राशि को साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने में मदद करेगी। यह सुविधा मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी के लिए डार्कनेट का उपयोग करने वालों पर नकेल कसने में भी सहायक होगी।
सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित परियोजनाएं
अमित शाह ने इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB), और असम राइफल्स के लिए आवास परिसर, बैरक और अस्पतालों सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया। कुल मिलाकर, लगभग 322 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं का उद्देश्य पूर्वोत्तर में तैनात सुरक्षा बलों के लिए रहने और काम करने की स्थिति में सुधार करना है।
अपने संबोधन में, अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में आए शांति और विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के कारण इस क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए ब्रिटिश-युग के कानूनों को समाप्त करके तीन नए कानून लाए हैं, जो लोगों को न्याय दिलाने और जांच को अधिक वैज्ञानिक बनाने पर केंद्रित हैं।
इसके अलावा, अमित शाह ने असम के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलप बोरबोरा के जन्म शताब्दी समारोह में भी भाग लिया, जो असम की राजनीतिक विरासत के प्रति भाजपा के सम्मान को दर्शाता है।