पीएम मोदी का बड़ा ऐलान: अब भारत से 100 देशों में जाएंगे इलेक्ट्रिक वाहन

हंसलपुर, गुजरात से हरित गतिशीलता की शुरुआत, हाइब्रिड बैटरी का भी होगा निर्माण, 'मेक इन इंडिया' की नई उड़ान

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • प्रधानमंत्री ने गुजरात के हंसलपुर में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) निर्यात और हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड विनिर्माण पहल का शुभारंभ किया।
  • आज से भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहन 100 देशों को निर्यात किए जाएंगे, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ को नई पहचान मिलेगी।
  • पीएम मोदी ने स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्यों को ‘रिफॉर्म’ और ‘गुड गवर्नेंस’ में प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।

समग्र समाचार सेवा
हंसलपुर, गुजरात, 27 अगस्त 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के हंसलपुर में मारुति सुजुकी के एक कार्यक्रम में हरित गतिशीलता पहल का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक मौके पर पीएम ने घोषणा की कि अब भारत में बने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) 100 देशों को निर्यात किए जाएंगे। इस कदम को ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के भारत के लक्ष्य की तरफ एक बड़ी छलांग माना जा रहा है। इसी के साथ, भारत में पहली बार हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड का निर्माण भी शुरू हो गया है।

भारत-जापान साझेदारी की नई मिसाल

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और जापान के बीच मजबूत संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि यह साझेदारी केवल राजनयिक नहीं, बल्कि विश्वास और प्रगति की साझेदारी है। उन्होंने कहा, “आज का ये दिन भारत और जापान की दोस्ती को भी नया आयाम दे रहा है।” उन्होंने याद किया कि कैसे 2012 में जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब हंसलपुर में मारुति सुजुकी को जमीन आवंटित की गई थी। उस समय भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विजन था, जो आज साकार हो रहा है। उन्होंने मारुति सुजुकी को लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा कार निर्यातक होने के लिए बधाई भी दी।

स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भरता का रोडमैप

पीएम ने कहा कि EV इकोसिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बैटरी है, और भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। इसी विजन के साथ, 2017 में टीडीएसजी बैटरी प्लांट की नींव रखी गई थी। आज इस फैक्ट्री में तीन जापानी कंपनियां मिलकर भारत में पहली बार बैटरी सेल का निर्माण करेंगी, जिससे आत्मनिर्भरता को नई शक्ति मिलेगी। प्रधानमंत्री ने ‘हाइब्रिड एंबुलेंस’ के प्रोटोटाइप का भी जिक्र किया, जो पुरानी गाड़ियों को हाइब्रिड EV में बदलने का एक अनूठा उदाहरण है। यह पहल ‘पीएम ई-ड्राइव स्कीम’ में पूरी तरह फिट बैठती है, जिससे प्रदूषण भी घटेगा और पुराने वाहनों को नया जीवन मिलेगा।

राज्यों से ‘रिफॉर्म’ की अपील

प्रधानमंत्री ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार की नीतियों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत में ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (PLI) जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं और देश में औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी राज्यों से ‘रिफॉर्म’ में एक-दूसरे से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया। पीएम ने कहा, “आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। ऐसे में कोई राज्य पीछे नहीं रहना चाहिए।” उन्होंने राज्यों से ‘प्रो-डेवलपमेंट पॉलिसीज’ और ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ पर जोर देने को कहा, ताकि निवेशकों का विश्वास बढ़े।

भविष्य की इंडस्ट्री पर फोकस

पीएम ने कहा कि भारत यहीं पर रुकने वाला नहीं है। भविष्य में भारत का फोकस सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल जैसे अत्याधुनिक सेक्टर्स पर होगा। उन्होंने बताया कि देश में सेमीकंडक्टर के 6 प्लांट तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा, ऑटो इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण रेयर अर्थ मैग्नेट की कमी को दूर करने के लिए ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन’ लॉन्च किया गया है, जिसके तहत 1,200 से अधिक खोजी अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है जब हर भारतीय को स्वदेशी पर गर्व करना चाहिए।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.