इशारों से बयां हुई प्रभु यीशु की कहानी: भारत में रिलीज हुई पहली सांकेतिक भाषा की फिल्म

'जीसस: ए डेफ मिशन्स फिल्म' में सभी कलाकार और क्रू बधिर हैं, फिल्म अब भारतीय सांकेतिक भाषा में भी उपलब्ध।

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  • ‘जीसस: ए डेफ मिशन्स फिल्म’ भारत में रिलीज होने वाली पहली फीचर फिल्म है, जिसे पूरी तरह से सांकेतिक भाषा में लिखा गया है।
  • फिल्म में सभी कलाकार और क्रू सदस्य बधिर हैं, और इसे भारतीय दर्शकों के लिए हिंदी में डबिंग और भारतीय सांकेतिक भाषा (ISH) में रूपांतरित किया गया है।
  • इस फिल्म का उद्देश्य भारत के लाखों बधिर लोगों के लिए सिनेमा को सुलभ बनाना है, ताकि वे अपनी ‘हृदय भाषा’ में कहानी का अनुभव कर सकें।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 अगस्त, 2025: यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अनूठा और ऐतिहासिक क्षण है। पहली बार, एक फीचर फिल्म, जिसे पूरी तरह से अमेरिकन साइन लैंग्वेज (ASL) में लिखा गया है, भारत में रिलीज की गई है। ‘जीसस: ए डेफ मिशन्स फिल्म’ नामक इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें सभी कलाकार और क्रू सदस्य बधिर हैं। यह फिल्म, जिसका निर्माण अमेरिका के ‘डेफ मिशन्स’ द्वारा किया गया है, अब भारत में भी रिलीज हो गई है, जिसमें भारतीय दर्शकों के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज (ISH) में व्याख्या और हिंदी वॉइसओवर को शामिल किया गया है।

बधिर समुदाय के लिए सिनेमा का नया युग

इस फिल्म का उद्देश्य बधिर समुदाय के लिए सिनेमा के अनुभव को पूरी तरह से सुलभ बनाना है। यह फिल्म 30 अगस्त से भारत के चुनिंदा सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। इसका प्रीमियर दिल्ली में किया गया, जिसमें 250 से अधिक बधिर लोग और सरकारी अधिकारी शामिल हुए। इस फिल्म के जरिए बधिर दर्शक बिना किसी भाषाई बाधा के प्रभु यीशु के जीवन की कहानी को अपनी ‘हृदय भाषा’ में महसूस कर सकेंगे। फिल्म को ‘बधिरों के लिए, बधिरों द्वारा’ (For Deaf by Deaf) टैगलाइन दी गई है, जो इसकी भावना को सही ढंग से दर्शाती है।

क्या बोले फिल्म के कलाकार और निर्देशक?

फिल्म के निर्देशक और ‘डेफ मिशन्स’ के सीईओ जोसेफ डी. जोसेलिन ने भारत में फिल्म की रिलीज पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “मैं यह देखकर उत्साहित हूँ कि भारतीय बधिर दर्शक इस फिल्म पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। वे आखिरकार यीशु के बारे में एक ऐसी फिल्म देख सकते हैं, जहाँ कोई भाषाई बाधा नहीं है।”

फिल्म में यीशु का किरदार निभाने वाले अभिनेता गिदोन फिर्ल ने कहा, “यह फिल्म भारत लाना मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। मैं वापस आकर और भारतीय बधिर समुदाय के बीच एक महीना बिताकर बहुत खुश हूँ।”

भारतीय साइनिंग हैंड्स का अनोखा प्रयास

‘डेफ मिशन्स’ ने इस फिल्म को भारत में लाने के लिए मुंबई स्थित बधिरों के नेतृत्व वाले संगठन ‘इंडिया साइनिंग हैंड्स’ के साथ साझेदारी की है। इस संगठन के संस्थापक और सीईओ आलोक केजरीवाल ने कहा, “एक बधिर व्यक्ति और सिनेमा-प्रेमी होने के नाते, मेरा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी फिल्में हर किसी के लिए सुलभ हों।” उन्होंने बताया कि ‘इंडिया साइनिंग हैंड्स’ फिल्म निर्माताओं के साथ मिलकर कहानियों को भारतीय सांकेतिक भाषा में अनुवाद करके बधिर दर्शकों तक पहुँचाता है।

केजरीवाल ने यह भी बताया कि उनका संगठन पहले ‘लिटिल कृष्णा’ नामक एनिमेटेड सीरीज को बधिर दर्शकों के लिए ला चुका है, और अब वे ‘रामायण’ के निर्माताओं के साथ भी बातचीत कर रहे हैं ताकि भगवान श्री राम की कहानी को भी भारतीय सांकेतिक भाषा में प्रस्तुत किया जा सके। यह प्रयास भारत में सिनेमा की पहुंच को एक नए स्तर पर ले जा रहा है।

‘जीसस’ फिल्म की कहानी

यह फिल्म इतिहास में पहली बार किसी बधिर दर्शक को पूरी तरह से सांकेतिक भाषा में प्रभु यीशु की कहानी का अनुभव कराएगी। फिल्म में दर्शक यीशु और उनके शिष्यों के साथ एक सफर पर निकलेंगे, जिसमें उनके चमत्कारों और उस समय की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को दिखाया गया है। फिल्म का हिंदी वॉइसओवर और भारतीय सांकेतिक भाषा में ‘पिक्चर-इन-पिक्चर’ अनुवाद इसे भारतीय दर्शकों के लिए बेहद खास बनाता है।

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