महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप: शरद पवार का दावा- दो लोगों ने दी थी 160 सीटें जिताने की गारंटी

पवार ने कहा- हमें चुनाव आयोग पर भरोसा था; फडणवीस ने आरोपों पर उठाए गंभीर सवाल।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
  • शरद पवार ने दावा किया है कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो लोग उनसे मिलने आए थे और उन्होंने 160 सीटें जिताने की गारंटी दी थी।
  • पवार ने कहा कि उन्होंने उस वक्त इस ऑफर को गंभीरता से नहीं लिया और उन दोनों को राहुल गांधी से मिलवाया था, जिन्होंने भी इसे ठुकरा दिया।
  • इस दावे से महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है, और बीजेपी ने शरद पवार के बयान पर पलटवार करते हुए उनसे कई सवाल पूछे हैं।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 10 अगस्त – महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। पवार ने दावा किया है कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो लोग उनसे मिलने आए थे और उन्होंने महा विकास अघाड़ी (MVA) को 288 में से 160 सीटें जिताने की गारंटी दी थी। पवार ने कहा कि उन्होंने इस ऑफर को इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि उन्हें उस वक्त चुनाव आयोग पर भरोसा था। उनके इस बयान ने एक बार फिर चुनाव आयोग और वोटिंग प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है शरद पवार का जीत का दावा?

शरद पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, “महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले दो अज्ञात लोग मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने हमें 288 सीटों में से 160 सीटें जिताने का आश्वासन दिया। मैंने उस वक्त उनके ऑफर को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें राहुल गांधी से मिलवाया।” पवार ने बताया कि राहुल गांधी ने भी इस तरह की ‘मदद’ लेने से साफ इनकार कर दिया था। पवार के इस दावे को राहुल गांधी के उन आरोपों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।

बीजेपी का पलटवार और सवालों की बौछार

शरद पवार के इस बयान पर बीजेपी और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। फडणवीस ने सवाल उठाया कि “अगर शरद पवार आज यह खुलासा कर रहे हैं, तो उस समय उन्होंने इस बात को सार्वजनिक क्यों नहीं किया?” उन्होंने कहा कि पवार जैसे बड़े नेता के पास ऐसे कोई भी व्यक्ति बिना अपॉइंटमेंट के नहीं आ सकते। फडणवीस ने यह भी कहा कि विपक्ष जब चुनाव जीतता है तो उसे चुनाव आयोग पर भरोसा होता है, लेकिन जब हारता है तो उस पर सवाल उठाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता जानबूझकर चुनाव आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा कर रहे हैं।

सियासी हलचल और आगे की राह

शरद पवार का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है। जहां एक तरफ एमवीए के नेता इस बयान को चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के समर्थन के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे विपक्ष की हताशा बता रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चुनाव आयोग इस मामले का संज्ञान लेता है और उन दो व्यक्तियों की पहचान उजागर करने के लिए कोई जांच शुरू करता है या नहीं। यह बयान महाराष्ट्र में आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों की दिशा तय कर सकता है, जहां बीजेपी और एमवीए के बीच कड़ी टक्कर है।

कृपया इस पोस्ट को साझा करें!
Leave A Reply

Your email address will not be published.