तृणमूल में आंतरिक कलह: महुआ-कल्याण विवाद के बाद कल्याण ने दिया इस्तीफा

ममता बनर्जी की सख़्ती के बाद शांत हुई तनातनी, टीएमसी के दो दिग्गज नेताओं की लड़ाई से पार्टी की छवि को पहुंचा नुकसान।

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  • तृणमूल कांग्रेस के दो वरिष्ठ सांसद, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी, के बीच तीखी बयानबाजी सार्वजनिक हो गई।
  • विवाद के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फटकार पर कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दे दिया।
  • दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ ‘सुअर’, ‘यौन कुंठित’ जैसे अपशब्दों का प्रयोग किया।

समग्र समाचार सेवा
कोलकाता, 5 अगस्त, 2025 – पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए सोमवार का दिन आंतरिक कलह और विवादों से भरा रहा। पार्टी के दो वरिष्ठ सांसद, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी, के बीच शुरू हुई तीखी जुबानी जंग इस कदर बढ़ गई कि मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को खुद इसमें दखल देना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद, आखिरकार कल्याण बनर्जी ने पार्टी के लोकसभा में मुख्य सचेतक (चीफ़ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया। यह विवाद पार्टी की आंतरिक फूट को उजागर करता है और यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत हमले किस हद तक राजनीतिक विमर्श पर हावी हो रहे हैं।

‘सुअर’ और ‘यौन कुंठित’ के अपमानजनक शब्द

इस विवाद की शुरुआत एक मीडिया पॉडकास्ट में महुआ मोइत्रा की टिप्पणी से हुई। जब उनसे कल्याण बनर्जी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “आप सुअर से कुश्ती नहीं करते, क्योंकि सुअर को यह पसंद आता है और आप गंदे हो जाते हैं।” यह टिप्पणी कल्याण बनर्जी के उस आरोप के जवाब में थी, जिसमें उन्होंने महुआ मोइत्रा को ‘महिला विरोधी’ कहा था और उनके निजी जीवन पर टिप्पणी की थी। कल्याण बनर्जी ने कहा था, “वह हनीमून से लौटकर आई हैं। एक 65 साल के आदमी से शादी की है और एक 40 साल पुराने परिवार को तोड़ दिया है। और वो मुझे महिला विरोधी कह रही हैं?” इस पर महुआ ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय संसद में सभी दलों में “यौन रूप से कुंठित और पतित पुरुषों” का प्रतिनिधित्व है।

ममता का सख्त रुख और कल्याण का इस्तीफा

विवाद के बढ़ते ही ममता बनर्जी ने मामले को शांत करने के लिए वर्चुअल मीटिंग बुलाई, जिसमें सभी सांसद शामिल हुए। इस दौरान ममता ने दोनों सांसदों को फटकार लगाई और आपसी लड़ाइयों से दूर रहने की हिदायत दी। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे सरकार के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) पर ध्यान केंद्रित करें। इस बैठक के बाद ही कल्याण बनर्जी ने मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने मीडिया को बताया, “दीदी ने कहा कि सांसदों में समन्वय की कमी है, इसलिए मुझे दोषी ठहराया गया। मैंने जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया।”

सोशल मीडिया पर भी जारी रही तकरार

इस्तीफा देने के बाद भी दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया मंच X पर तकरार जारी रही। कल्याण बनर्जी ने अपने पोस्ट में लिखा, “किसी पुरुष सहकर्मी को ‘यौन कुंठित’ कहना साहस नहीं, बल्कि सीधा अपमान है।” उन्होंने आगे कहा कि “अगर किसी महिला पर ऐसा कहा गया होता, तो देशभर में हंगामा मच जाता।” वहीं, महुआ मोइत्रा ने भी पलटवार करते हुए लिखा, “भारत में पुरुषवादी सोच हर पार्टी में मौजूद है। लेकिन टीएमसी की खासियत यही है कि वह ऐसे अशोभनीय बयानों की निंदा करती है, चाहे वह किसी ने भी क्यों ना दिया हो।” इस तकरार से साफ है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत द्वेष और अपमान का मामला बन गया था।

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