समग्र समाचार सेवा
कोलकाता 4 अगस्त -कोलकाता हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि संदेशखली हत्याकांड की CBI जांच के खिलाफ पूर्व तृणमूल नेता शेख शाहजहान की याचिका में कोई कानूनी वैधता नहीं है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया व्याख्या के अनुसार, किसी आरोपी को जांच आदेश के खिलाफ चुनौती देने का अधिकार नहीं है, विशेष रूप से तब जब वह खुद मुकदमे में पक्षकार नहीं है।
कोलकाता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति देबांशु बसाक और न्यायमूर्ति प्रसेंजित विश्वास शामिल थे, ने यह आदेश सुनाया। अदालत ने यह भी कहा कि वह सिंगल बेंच द्वारा दिए गए CBI जांच के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
क्या है मामला?
2019 के लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदीशखाली इलाके में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। आरोप है कि 8 जून 2019 को संदीशखाली के भांगिपाड़ा गांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े एक ही परिवार के दो कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी। एक अन्य सदस्य अब तक लापता है।
परिवार ने स्थानीय नाजाट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें तत्कालीन तृणमूल नेता शेख शाहजहान का नाम भी शामिल था। लेकिन जब पश्चिम बंगाल की CID ने जांच की और चार्जशीट दाखिल की, तब उसमें शाहजहान का नाम हटा दिया गया।
हत्या के करीब पांच साल बाद, मृतक भाजपा कार्यकर्ताओं में से एक की पत्नी ने CID की चार्जशीट को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका पर सुनवाई के बाद, न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।
शाहजहान ने क्या किया?
CBI जांच आदेश को चुनौती देने के लिए शाहजहान ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का रुख किया। उनके वकीलों ने यह दलील दी कि जब तक उन्हें मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया, तब तक उनके खिलाफ CBI जांच का आदेश देना न्यायसंगत नहीं है।
लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति देबांशु बसाक ने सुनवाई के दौरान कहा, “जब एकल पीठ ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिकाकर्ता (शाहजहान) की प्रत्यक्ष भूमिका साबित नहीं हुई, तो वे खुद इस जांच आदेश को चुनौती देने का अधिकार कैसे रखते हैं?”
क्या कहा अदालत ने?
डिवीजन बेंच ने सोमवार को निर्णय देते हुए कहा, “शाहजहान की याचिका सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों के अनुसार अस्वीकार्य है। आरोपी को यह अधिकार नहीं कि वह जांच आदेश के खिलाफ याचिका दायर करे, जब तक वह मुकदमे में औपचारिक रूप से पक्षकार न हो।” अदालत ने स्पष्ट किया कि वह CBI जांच के आदेश में कोई दखल नहीं देगी।
निष्कर्ष:
संदीशखाली हत्याकांड की CBI जांच अब बिना किसी अदालती रोक के आगे बढ़ेगी। शेख शाहजहान को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनका नाम भले ही CID की चार्जशीट से हटा दिया गया हो, लेकिन अब CBI नई जांच शुरू करेगी और वह फिर से संदेह के घेरे में आ सकते हैं।