तेजस्वी यादव को दो वोटर आईडी पर नोटिस, चुनाव आयोग ने मांगा जवाब
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर दो अलग-अलग पते पर वोटर आईडी होने का आरोप, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस।
- तेजस्वी यादव पर एक साथ दो विधानसभा क्षेत्रों से वोटर आईडी रखने का आरोप है।
- मामला सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है और जवाब मांगा है।
- यदि आरोप साबित होते हैं, तो चुनाव कानूनों के उल्लंघन पर कार्रवाई संभव है।
समग्र समाचार सेवा
पटना, 3 अगस्त 2025: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को चुनाव आयोग की ओर से एक नोटिस भेजा गया है। उन पर आरोप है कि उनके पास दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से वोटर आईडी कार्ड हैं।
जानकारी के मुताबिक, तेजस्वी यादव का नाम राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के साथ-साथ दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पते पर भी दर्ज है। चुनाव आयोग को इसकी शिकायत मिलने के बाद यह मामला प्रकाश में आया।
चुनाव आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण
इस मामले में निर्वाचन आयोग ने तेजस्वी यादव को नोटिस भेजकर 7 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग का कहना है कि दो जगहों से वोटर आईडी होना भारतीय चुनावी कानूनों का उल्लंघन है।
“एक नागरिक एक ही निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दो जगह से नाम जुड़वाता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है,” – चुनाव आयोग के अधिकारी।
क्या है पूरा मामला?
तेजस्वी यादव की पहली वोटर आईडी बिहार के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से है, जहां से वे चुनाव लड़ते रहे हैं। वहीं, दूसरी वोटर आईडी का पता दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू में है, जो सरकारी आवासों के लिए आरक्षित क्षेत्र है।
RTI कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं का दावा है कि यह जानबूझकर की गई गलती है और इससे उनकी नीयत पर सवाल उठता है।
संभावित कानूनी कार्रवाई
चुनाव कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में नाम दर्ज कराता है, तो यह Representation of People Act, 1950 और 1951 के तहत अपराध माना जाता है। दोष सिद्ध होने पर तेजस्वी यादव पर जुर्माना या मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी कार्रवाई संभव है।
आरजेडी की सफाई
RJD प्रवक्ता ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया है और कहा है कि तेजस्वी यादव जल्द ही आयोग को उचित स्पष्टीकरण देंगे।