बीजेपी का कांग्रेस पर बड़ा हमला: वोट बैंक के लिए गढ़ा गया था हिंदू आतंकवाद
मालेगांव केस से बीजेपी को मिला मौका: कांग्रेस पर बोला तीखा हमला, 'नरेंद्र मोदी के राजनीतिक उदय को रोकने की साजिश'
- भाजपा ने कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी गढ़ने का आरोप लगाया।
- भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह वोट बैंक की राजनीति के लिए रची गई एक साजिश थी।
- उन्होंने सोनिया और राहुल गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 31 जुलाई, 2025: 2008 के मालेगांव धमाका मामले में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने सिर्फ अपने ‘वोट बैंक’ की राजनीति के लिए ‘हिंदू आतंकवाद’ की थ्योरी को गढ़ा था। पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से इस मामले पर देश से माफी मांगने की मांग की है। यह बयान कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
‘हिंदू आतंकवाद’ वोट बैंक के लिए गढ़ा गया
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘हिंदू आतंकवाद’ की कथित साजिश सोची-समझी थी। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने जानबूझकर हिंदू समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की, जिसका मुख्य उद्देश्य वोट बैंक की राजनीति को साधना और नरेंद्र मोदी के राजनीतिक उदय को रोकना था।
प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने एक ऐसे शब्द का इस्तेमाल किया जिसका कोई आधार ही नहीं था। उन्होंने कहा, “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन कांग्रेस ने राजनीतिक लाभ के लिए एक धर्म को आतंकवाद से जोड़ने का पाप किया।” उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला इस बात का प्रमाण है कि इस मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की गई थी।
मालेगांव फैसला: बीजेपी के लिए जीत
रविशंकर प्रसाद ने बरी हुए सभी आरोपियों, जिनमें पूर्व भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित शामिल हैं, के लिए मुआवजे की मांग भी की। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने 17 सालों तक झूठे आरोपों और यातनाओं को झेला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला भाजपा की उस बात की पुष्टि करता है, जो पार्टी सालों से कहती आ रही है कि मालेगांव केस एक राजनीतिक साजिश थी।
प्रसाद ने 2010 की एक विकीलीक्स रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर राहुल गांधी ने एक अमेरिकी राजनयिक से कहा था कि भारत को इस्लामिक आतंकी संगठनों से ज्यादा ‘हिंदू उग्रवादी समूहों’ से खतरा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह बयान कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
कांग्रेस के तुष्टिकरण की राजनीति पर भी आरोप
रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ वोट बैंक को खुश करने के लिए यूपीए सरकार ने 2004 के इशरत जहां मुठभेड़, 2007 के मक्का मस्जिद और समझौता एक्सप्रेस धमाकों जैसे मामलों में मुस्लिम संदिग्धों की भूमिका को ढंकने की कोशिश की थी।
कांग्रेस की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि पार्टी के नेताओं ने पहले भी कहा है कि ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग उन लोगों के संदर्भ में किया गया था जो कुछ हिंदू संगठनों के नाम पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे। बहरहाल, मालेगांव कोर्ट के फैसले ने भाजपा को एक नया राजनीतिक मुद्दा दे दिया है, जिसे वह आगामी चुनावों में भुनाने की कोशिश करेगी।