वेलिंगटन पहुंचे CDS अनिल चौहान, ऑपरेशन सिंदूर व आत्मनिर्भरता पर जोर

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समग्र समाचार सेवा
वेलिंगटन (तमिलनाडु), 20 जुलाई – चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने आज तमिलनाडु स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने 81वें स्टाफ कोर्स के छात्र अधिकारियों, कॉलेज के स्थायी स्टाफ एवं वेलिंगटन स्टेशन के अधिकारियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में जनरल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष रूप से चर्चा की और इस सफल अभियान के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित त्रि-सेवा समन्वय (Tri-Services Synergy) के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्धों और अभियानों में तीनों सेनाओं की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी।

बाद में कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों से बातचीत करते हुए उन्होंने ‘इंटीग्रेशन और जॉइंटनेस’ (एकीकरण और संयुक्तता) के महत्व पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने क्षमता विकास (Capability Development), आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta) और सैन्य सुधारों के अंतर्गत हो रहे परिवर्तनशील बदलावों की गहरी समझ की आवश्यकता को रेखांकित किया।

इस दौरान कॉलेज के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने सीडीएस को कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य तीनों सेवाओं के बीच आपसी समन्वय और समझ को बढ़ावा देना है। इस दिशा में ‘डीप पर्पल डिवीजन’ के संस्थानीकरण के माध्यम से संयुक्तता को संस्थागत स्वरूप दिया जा रहा है।

81वां स्टाफ कोर्स फिलहाल DSSC में संचालित हो रहा है, जिसकी अवधि 45 सप्ताह है। इस कोर्स में कुल 500 छात्र अधिकारी भाग ले रहे हैं, जिनमें 35 मित्र देशों के 45 विदेशी अधिकारी भी शामिल हैं। यह कोर्स भारतीय और मित्र राष्ट्रों के अधिकारियों के बीच रक्षा सहयोग और रणनीतिक समझ को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

इस दौरे से स्पष्ट है कि भारतीय सशस्त्र बल भविष्य के खतरों से निपटने के लिए एकीकृत और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण के साथ तैयार हो रहे हैं।

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