समग्र समाचार सेवा
ईरान ,इज़रायल 19 जून :19 जून की मध्यरात्रि से ईरान द्वारा इज़राइल पर तीव्र मिसाइल एवं ड्रोन हमले शुरू किए गए। लगभग 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दक्षिणी और मध्य इज़राइल में दागी गईं, जिनमें बियर शेबा (Beersheba) का प्रमुख अस्पताल Soroka Medical Center शामिल थाइसी अभियान में तेल अवीव (Tel Aviv), होलोन (Holon), रमत गान (Ramat Gan) और अन्य आवासीय क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया, जिससे सैकड़ों लोग घायल हुए ।
अस्पताल पर विनाशकारी हमला
Soroka अस्पताल के प्राचीन सर्जिकल बिल्डिंग को सीधे मिसाइल ने निशाना बनाया, जिससे “विस्तृत क्षति” हुई और कम से कम 40–65 लोग घायल हुए, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है ।
अस्पताल के कुछ हिस्सों को पहले ही खाली करवाया गया था—जैसे स्वस्थ्य मंत्रालय द्वारा आदेशित 850 मरीजों को अन्यत्र स्थानांतरित किया गया था।
रूढ़िवादी आंकड़ों के अनुसार कोविड और अन्य गंभीर रोगियों के बीच मरीज विस्थापित करना जीवन-रक्षक साबित हुआ ।
नागरिक एवं आवासीय इलाकों पर हमला
होलोन और रमत गान में मिसाइलों ने आवासीय इमारतों को लक्षित किया, जिसमें कई गंभीर और मामूली रूप में घायल हुए ।
रमत गान में एक अपार्टमेंट ब्लॉक पर भी हमला हुआ, जिसमें एक बच्चे समेत कई लोग सुरक्षित रूप से बचाए गए
इज़रायली जवाबी कार्रवाई
इज़राइल रक्षा बलों (IDF) ने ईरान में खोंडाब (अराक) हैवी-वाटर न्यूक्लियर रिएक्टर को निशाना बनाते हुए विनाशकारी हवाई हमले किए
संयुक्त राष्ट्र और IAEA ने पुष्टि की कि रिएक्टर पर हिट करने से कोई रेडिएशन खतरा नहीं हुआ क्योंकि वह पहले ही खाली कर दिया गया था ।
हताहत एवं आर्थिक नुकसान
इज़राइल में अस्पताल और आवासीय इलाके प्रभावित हुए, सेंकड़ों घायल हुए, लेकिन संदिग्ध रासायनिक रिसाव की स्थिति को अस्वीकार कर दिया गया। इस हमले में ईरान पक्ष पर भी भारी हताहत हुए—639 से अधिक लोगों की मौत, जिनमें 263 नागरिक शामिल थे, जबकि 1,300 से अधिक घायल हुए ।
राजनयिक तथा वैश्विक प्रतिक्रिया
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याह ने ईरानी नेतृत्व को “तय की गई कीमत” चुकाने की चेतावनी दी; रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने क़मयनेई की सत्ता पर प्रश्न उठाया ।
साथ ही चीन, रूस और यूरोपीय संघ ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है, साथ ही अमेरिका के तत्काल हस्तक्षेप के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए गए हैं ।
स्थिति का सार
यह संघर्ष अब सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, कोई स्पष्ट युद्धविराम नहीं हुआ है, और दोनों पक्षों ने अपने-अपने निशानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। ईरान-इज़राइल संघर्ष में फैलाव का डर बना हुआ है, जबकि अमेरिका—जो ट्रम्प प्रशासन के अंतर्गत इस पर पुनर्विचार कर रहा है—संभावित सैन्य हस्तक्षेप पर विचार कर रहा है ।
सारोका अस्पताल पर मिसाइल हमले ने विश्व स्वास्थ्य सुरक्षा और युद्ध के अंतरराष्ट्रीय मानदंडों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों देशों के बीच जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान की तेजी से आवश्यकता है।
तनाव को कम करने के प्रयासों के बीच, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियाँ संघर्ष को कूटनीतिक रूप में सुलझाने की पहल कर रही हैं।इज़राइल ने ईरानी परमाणु क्षमताओं को रोकने की बात कही है। ईरान की आशंका है कि अमेरिका की भागीदारी से युद्ध तेज़ हो सकता है।