समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली 30 मई भारत अब पाकिस्तान को आतंकवाद का आर्थिक पोषक साबित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आक्रामक रुख अपनाने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की आगामी समीक्षा में ठोस सबूत पेश करेगा ताकि पाकिस्तान को एक बार फिर FATF की ग्रे लिस्ट में डाला जा सके।
सूत्रों की मानें तो भारत ने यह प्रमाण जुटा लिए हैं कि पाकिस्तान किस प्रकार से आतंकी संगठनों को फंडिंग करता है। जून में होने वाली विश्व बैंक की अहम बैठक में भारत पाकिस्तान को किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता दिए जाने का कड़ा विरोध करेगा। इस बैठक में भारत आतंकवाद के वित्त पोषण के सबूत पेश कर वैश्विक आर्थिक मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाएगा।
विशेष जानकारी के अनुसार, भारत इस बात से भी नाराज है कि इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) ने भारत के विरोध के बावजूद पाकिस्तान को आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव पास कर दिया। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत कर इस मदद का विरोध किया था। भारत ने IMF को यह भी बताया था कि जब-जब पाकिस्तान को IMF से सहायता मिली है, उसी दौरान उसकी हथियार खरीद में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है।
भारत की रणनीति साफ है—पाकिस्तान को आर्थिक मंचों पर बेनकाब करना और यह दर्शाना कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जंग में ढील देना खतरनाक होगा।