कोलंबो, श्रीलंका, 17अगस्त। श्रीलंका में अगले महीने राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले सार्वजनिक स्थलों पर अवैध चुनावी पोस्टरों और कटआउट्स को हटाने के लिए 1500 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इस कार्य को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने 21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए कानूनों का उल्लंघन करने वाली सभी चुनाव प्रचार सामग्री पर नकेल कसने के लिए एक अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए अतिरिक्त श्रमिकों की भर्ती की गई है।
चुनाव के प्रभारी वरिष्ठ पुलिस उप निरीक्षक (एसडीआईजी) असंका कराविता ने बताया कि श्रमिकों को प्रतिदिन 1500 रुपये का भुगतान किया जाएगा और उन्हें अवैध चुनावी पोस्टरों को हटाने के कार्य को पूरा करने के लिए पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। सभी अवैध पोस्टरों, बैनरों और कटआउट्स को हटाया जाएगा, क्योंकि चुनाव कानून सार्वजनिक स्थलों में चुनाव प्रचार सामग्री के प्रदर्शन की अनुमति नहीं देता है। उम्मीदवार इन्हें केवल अपने कार्यालयों में प्रदर्शित कर सकते हैं।
मानवाधिकार आयोग (एचआरसी) ने इस अभियान में पुलिस बल की भूमिका को लेकर पुलिस के उच्च पदस्थ अधिकारियों से बातचीत की है और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एचआरसी आयुक्त ने कहा कि दिशानिर्देशों पर व्यापक चर्चा की गई है। वर्तमान स्थिति में पुलिस प्रमुख की नियुक्ति को लेकर दायर मौलिक अधिकार याचिका के आधार पर उच्चतम न्यायालय ने उन्हें निलंबित कर दिया है। इस मामले की सुनवाई चुनाव के बाद होगी।
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार के चुनाव में 39 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जो 2019 के चुनाव की तुलना में अधिक हैं, जहां उम्मीदवारों की संख्या 35 थी। इस चुनाव में वर्तमान राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे, मुख्य विपक्षी नेता साजिथ प्रेमदासा और मार्क्सवादी जेवीपी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच कांटे की टक्कर है।