समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,9अगस्त। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चेक समाशोधन प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। अब चेक का निपटान (Clearing) कुछ ही घंटों में हो जाएगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और जोखिम भी कम होंगे।
अभी लगता है दो दिन का समय
वर्तमान में, चेक जमा करने से लेकर राशि आने तक दो दिन (T+1) का समय लगता है। लेकिन नई व्यवस्था में चेक जमा करने के कुछ ही घंटों में यह ‘क्लियर’ हो जाएगा।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बृहस्पतिवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि चेक क्लियरिंग प्रक्रिया को सुधारने, निपटान जोखिम कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव है।
निरंतर आधार पर होगी क्लियरिंग
दास ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत मौजूदा सीटीएस प्रणाली के तहत ‘बैच’ में प्रोसेसिंग की जगह कारोबारी समय में निरंतर आधार पर क्लियर करने की व्यवस्था की जाएगी। इसका मतलब है कि चेक समाशोधन अब अधिक तेज़ी से और लगातार किया जाएगा।
स्कैन करने के कुछ ही घंटों में होगा निपटान
आरबीआई के अनुसार, नई व्यवस्था में चेक को ‘स्कैन’ किया जाएगा, उसे प्रस्तुत किया जाएगा और कुछ घंटों में समाशोधन किया जाएगा। इससे चेक का समाशोधन कुछ घंटों में होगा, जबकि अभी इसमें दो दिन तक का समय लगता है।
दास ने कहा कि इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
क्रेडिट रिपोर्टिंग में बदलाव
इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों की तरफ से अपने ग्राहकों के बारे में ‘क्रेडिट’ सूचना कंपनियों को दी जाने वाली रिपोर्ट हर पखवाड़े देने का प्रस्ताव किया है। वर्तमान में यह रिपोर्ट महीने में एक बार दी जाती है।
आरबीआई के इस कदम से न केवल चेक क्लियरिंग प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि बैंकों और ग्राहकों के बीच विश्वास और भी मजबूत होगा। इस नई प्रणाली से बैंकिंग क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।