विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा पर छात्रों ने लगाए सनसनीखेज आरोप, कहा- ‘वो छात्रों को स्वीट पॉइजन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं’
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 30जुलाई। दिल्ली के नामी IAS कोचिंग सेंटर, राव इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में पानी भरने के कारण शनिवार (27 जुलाई) को तीन UPSC छात्रों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद से राजनीति में हलचल तेज हो गई है और प्रदर्शनकारी छात्र लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों के आरोप
हादसे के बाद, प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान Drishti IAS के संचालकों विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। छात्रों ने इन दोनों पर छात्रों को “स्वीट पॉइजन” (मीठा जहर) की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा जैसे टीचर्स केवल और केवल अपने व्यापार को बढ़ाने में व्यस्त हैं। ये लोग स्टूडेंट्स को सही दिशा देने के बजाय, उन्हें केवल फर्जी वादों और उम्मीदों का मीठा जहर देते हैं।”
छात्रों का आरोप है कि ये नामी टीचर सिर्फ फिलॉसफी की बातें करते हैं और वास्तविक रूप से छात्रों की मदद करने में असफल हैं। उन्होंने यह भी कहा, “वाजीराम जैसे संस्थानों में भी, अगर भगदड़ मच जाए तो बच्चे निकल नहीं पाएंगे। 600-600 छात्रों को एक ही क्लासरूम में बैठाया जाता है।”
प्रदर्शन और सड़क जाम
प्रदर्शनकारी छात्रों ने करोल बाग मेट्रो स्टेशन के पास पूसा रोड के दोनों मार्गों को ब्लॉक कर दिया है। वे न केवल हादसे के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, बल्कि बड़ी कोचिंग संस्थानों की फीस और उनकी कार्यशैली के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।
छात्रों ने ‘एएए मीडिया’ यूट्यूब चैनल से मोटी फीस लेने वाले बड़े कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि इन संस्थानों के मालिक और टीचर केवल पैसे कमाने में व्यस्त हैं और छात्रों की वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। नेताओं ने इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने दिल्ली के शिक्षा और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं और छात्रों की जान की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।