समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 23जुलाई। कनाडा में हिंदू धर्मस्थलों पर हमलों के सिलसिले लगातार जारी हैं . मंगलवार (23 जुलाई) की सुबह एडमंटन में स्थित बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर पर एक बार फिर तोड़फोड़ की गई. साथ ही मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे गए. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर पर सुबह-सुबह भारत विरोधी नारे लिखे गए. इसके अलावा भारतीय मूल के कनाडाई सांसद चंद्र आर्य पर इस दौरान हमला किया गया.
कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले को लेकर नेपान के सांसद चंद्रा आर्य ने कनाडा में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती नफरत और हिंसा पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में टोरंटो, ब्रिटिश कोलंबिया और कनाडा के अन्य हिस्सों में हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. पिछले साल विंडसर में एक हिंदू मंदिर पर भारत विरोधी नारे लिखे गए थे. इससे पहले मिसिसॉगा और ब्रैम्पटन में भी ऐसे ही हमले हुए थे.
Hindu Temple vandalised again in Canada amid rising concerns over extremist activities
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— ANI Digital (@ani_digital) July 23, 2024
कनाडा में उग्रवादियों को मिली हुई है खुली छूट
सांसद चंद्रा आर्य ने कहा कि कनाडा में खालिस्तानी उग्रवादियों को खुली छूट मिली हुई है. वे नफरत और हिंसा फैला रहे हैं. हिंदू कनाडाई लोग डरे हुए हैं. उन्होंने कनाडाई पुलिस से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है. चंद्रा आर्य ने आगे कहा कि खालिस्तान समर्थक संगठन सिख्स फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नून ने पिछले साल हिंदुओं को भारत वापस जाने के लिए कहा था. ब्रैम्पटन और वैंकूवर में खालिस्तान समर्थकों ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का जश्न मनाया और हथियारों की तस्वीरें दिखाईं.
कनाडा के एक अन्य नेता रैंडी बॉइसोनॉल्ट ने भी इस घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि नफरत का कनाडा में कोई स्थान नहीं है, खासकर पूजा स्थलों पर. आपको बता दें कि कनाडाई पुलिस ने इन धमकियों से निपटने और सभी धार्मिक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की है.