समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20फरवरी। चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘मतदान के वोटों की दोबारा गिनती की जाएगी और इन आठ वोटों को वैध माना जाएगा. इसके बाद, उसके आधार पर परिणाम घोषित किए जाएंगे.’
शीर्ष अदालत ने रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह को कड़ी फटकार लगाई और कहा, ‘कोर्ट की अवमानना की गई है. चुनाव अधिकारी ने कोर्ट को गुमराह करने का काम किया है.’
चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर बड़ा फैसला
मंगलवार को सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट में मतपत्र सहित अन्य रिकॉर्ड पेश किए. कोर्ट ने कहा कि हम उन मतपत्रों को देखना चाहेंगे जिन्हें अमान्य कर दिया गया था.
दोबारा मतगणना का निर्देश दिया
कोर्ट ने मतपत्रों की जांच की और कहा कि आप उम्मीदवार के पक्ष में डाले गए आठ वोटों पर अतिरिक्त ‘‘निशान’’ थे. कोर्ट ने दोबारा मतगणना का निर्देश देते हुए कहा कि खारिज किए गए आठ मतपत्रों की भी गिनती की जाए. कोर्ट में 30 जनवरी की वोटिंग प्रक्रिया का वीडियो चलाया गया.
बीजेपी उम्मीदवार को मिली थी जीत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 30 जनवरी को चंडीगढ़ महापौर चुनाव में कांग्रेस-आप गठबंधन के खिलाफ जीत हासिल की थी. महापौर पद के लिए भाजपा के मनोज सोनकर ने आप के कुलदीप कुमार को हराया, उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी के 12 के मुकाबले 16 वोट मिले. आठ वोट अवैध घोषित किए गए थे.
कोर्ट ने बताया लोकतंत्र का मजाक
निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह पर आठ मतों को ‘‘विरूपित’’ करने का आरोप लगा है. पांच फरवरी को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने महापौर चुनाव कराने वाले निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह स्पष्ट है कि उन्होंने मतपत्रों को ‘‘विरूपित’’ किया है और उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. अदालत ने इसे ‘‘हत्या’’ के समान करार देते हुए ‘‘लोकतंत्र का मजाक’’ बताया था.
आप पार्षद पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
आप पार्षद कुलदीप कुमार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसने चंडीगढ़ में दोबारा महापौर चुनाव की मांग करने वाली पार्टी की अर्जी पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था.
आप नेता ने दावा किया है कि गठबंधन के पास नगर निकाय में भाजपा के 16 के मुकाबले 20 वोट थे और गठबंधन के आठ मतपत्रों को ‘‘विरूपित’’ करके उन्हें अमान्य कर दिया गया था.