चंद्रमा के बाद अब सूरज पर फतह की बारी, इस दिन लॉन्च होगा आदित्य-एल1 मिशन

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29अगस्त। इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायणन ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन पर कोई भरोसा नहीं था और उसके पास चंद्रमा मिशन के लिए कोई बजट आवंटन नहीं था। हो सकता है कि आपको प्रधानमंत्री नंरेंद्र मोदी पसंद न हों यह आपकी समस्या है लेकिन ये तो प्रधानमंत्री हैं। इसका श्रेय और किसे जाएगा?

मोदी सरकार 9 साल का रिपोर्ट कार्ड

विदेशी उपग्रह प्रक्षेपित
◆ 1975-2013: 35
◆ 2014-2023: 389

अंतरिक्ष क्षेत्र का बजट
◆ 2013-14: ₹565 करोड़
◆ 2023-24: ₹12543 करोड़

इसरो की वार्षिक लॉन्च दर
◆ तब: 1.2 लॉन्च मिशन
◆ अब : 5.7 उपग्रह

छात्र उपग्रह प्रक्षेपित
◆ 2014 से पहले: 4
◆ 2014 के बाद: 11

भारत ने PSLV-3 रॉकेट से 104 उपग्रह लॉन्च करके विश्व रिकॉर्ड बनाया
चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक और मिशन में जुट गया है. अब ISRO सूर्य पर जाने की तैयारी कर रहा है. बताया जा रहा है कि इसरो 2 सितंबर को अपना सन मिशन लॉन्च करने जा रहा है. यह सूर्य की स्टडी के लिए यह पहला भारतीय मिशन होगा.

■ आदित्य एल -1 मिशन (Aditya-L1) से सूर्य के तापमान, पराबैगनी किरणों के धरती, खासकर ओजोन परत पर पड़ने वाले प्रभावों और अंतरिक्ष में मौसम की गतिशीलता का अध्ययन किया जा सकेगा.
■ अंतरिक्ष में आदित्य एल-1 जिस स्थान पर जाएगा वो स्थान पृथ्वी से 15 लाख किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. पृथ्वी से सूर्य की दूरी 150 मिलियन लाख किलोमीटर है.
■ भारत पहली बार सूरज पर रिसर्च करने जा रहा है. लेकिन अब तक सूर्य पर कुल 22 मिशन भेजे जा चुके हैं. इन मिशन को पूरा करने वाले देशों में अमेरिका, जर्मनी, यूरोपियन स्पेस एजेंसी शामिल है.
■ नंबी नारायण पर जासूसी का आरोप लगा था, जिस वजह से उन्हें लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी और अपनी बेगुनाही साबित की. बाद में उन्हें पद्म भूषण सम्मान मिला.
■ 1994 में नंबी नारायण की जिंदगी में बड़ा मोड़ आया जब उन पर जासूसी का आरोप लगा. आरोप था कि उन्होंने अंतरिक्ष प्रोग्राम से जुड़ी जानकारी दो बाहरी लोगों के साथ शेयर की, जिन्होंने इसे पाकिस्तान को पहुंचा दिया. उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

जासूसी के आरोपों के खिलाफ नंबी नारायण ने लंबी लड़ी और 1996 में सीबीआई कोर्ट ने आरोपों को खारिज किया. मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया, जहां शीर्ष अदालत ने न सिर्फ बेगुनाही पर मुहर लगाई, बल्कि केरल सरकार को मुआवजा देने का आदेश दिया. केरल सरकार ने नारायण को 1.3 करोड़ मुआवजा दिया था.

 

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